Special Story: जब पिता के अंतिम संस्कार के लिए पिता के शव के पास बैठ कर रो रहा था मासूम…

हमारे देश में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से अबतक कम से कम 3435 लोगों की मौत हो गई है। देशभर से मजदूर अपने गृह राज्य की तरफ पैदल ही पलायन कर गए।

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प्रतिकात्मक चित्र

दुनिया में जिस तरह कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हाहाकर मचा हुआ है इससे आज कोई भी अंजान नहीं है। कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो गई है। खैर इस वक्त दुनिया की बात ना कर हम अपने देश की ही बात कर लेते हैं। हमारे देश में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से अबतक कम से कम 3435 लोगों की मौत हो गई है। देशभर से मजदूर अपने गृह राज्य की तरफ पैदल ही पलायन कर गए। ऐसे में देश कर हर कोने से ऐसी ऐसी बाते निकल कर सामने आई जो दिलो दिमाग को हिला कर रख देने वाली हैं। ऐसे में कहीं से एक ख़बर मेरे पास भी आई जो शायद आपको भी हिला कर रख देगी तो सोचा क्यों ना इसे आपके साथ भी सांझा किया जाय। मेरी और हमारे टीम की संवेदना देश के हर उस शख्स के साथ है जो आज कोरोना के साथ लड़ रहा है या फिर इस लड़ाई में वो हार गया है।

ये कोई कहानी नहीं बल्कि एक वाक़या है जो तमिलनाडु के एक छोटे से ज़िले विल्लुपुरम जिले की है जहां एक बच्चा अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए पिता के शव के पास ही बैठा रो रहा था। क्योंकि उसे इंतजार था अपनी मां और दादी का। क्योंकि उसकी मां और दादी कोरोना पॉजिटिव हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। अपने पिता के शव के पास रो रहा 10 साल के ये मासूम बच्चा अपनी मां और दादी की इंतजार कर रहा था। दरअसल कुछ समय पहले इस बच्चे के 35 साल के पिता अय्यानार एक हादसे के शिकार हो गए थे और गंभीर रुप से घायल हो गए थे। पिछले कुछ महीनों में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही औऱ इसी बीच बच्चे की मां धनम और दादी मुनिम्मल उनकी ध्यान अस्पताल में रख रही थी। लेकिन हालात को शायद कुछ और ही मंजूर था । कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण बढ़ते ख़तरे के कारण वो सभी अस्पताल से घर आ गए। लेकिन घर आने के बाद पता चला कि बच्चे की मां और दादी दोनों कोरोना पॉजिटिव हो गए।

कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट आने के बाद दोनों को लोकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर क्या था, ये बच्चा अकेले ही अपने पिता का ख्याल रख रहा था। लेकिन 8 मई का वो काला दिन जब इस मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया। घर में पिता का मृत शरीर पड़ा था और पिता के मृत शरीर के साथ बच्चा अकेला वहां था और रोता बिलखता अपनी दादी और मां के आने का इंतजार कर रहा था ताकि उसके पिता का अंतिम संस्कार हो सके। अब 10 साल का बच्चा जीवा अपने पिता के शव के पास बैठकर मां और दादी का इंतजार कर रहा था। वह आसरा देख रहा था कि वे आ जाए तो वह अपने पिता का अंतिम संस्कार करे। अधिकारियों को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने उसकी मां और दादी को पूरी सुरक्षा में घर लेकर आए और फिर उसके बाद पूरे विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया। जिले के एसएसपी के मुताबिक़ उन्होंने बच्चे को अब उसके चचेरे भाई के यहां भिजवा दिया है और साथ ही उसके आर्थिक मदद के तौर पर 5 हजार रुपये भी दिये गए हैं। बच्चे को भी भरोसा दिया गया है कि वो खुद उसकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे और उसकी मां और दादी भी जल्दी ठीक होकर घर वापस लौटकर आ जाएंगी और जबतक ये मैं लिख रहा हूं तो उम्मीद जता रहा हूं कि अबतक वो घर वापस आ गए होंगे।

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