एम्स निदेशक की चेतावनी, कहा – तेज हो गई है कोरोना की दूसरी लहर, जरुरी हो तभी बाहर निकलें…

डॉ गुलेरिया ने बाहर के देशों का उदाहरण देते हुए कहा है कि मास्क जरुर लगाएं और जरुरी काम ना हो ता घर से बाहर ना निकलें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हम सावधानी नहीं बरतेंगे तो कोरोना वायरस संक्रमण के और ज्यादा मामले सामने आएंगे।

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना की जो रफ्तार चल रही है उसको देखते हुए एकबार फिर कोरोना की चर्चा शुरु हो गई है। लोग अब कोरोना के तीसरे लहर की चर्चा कर रहे हैं लेकिन एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस तरह के किसी भी संभावना से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ही अभी चल रही है जिसकी रफ्तार पहले के मुकाबले ज्यादा हो गई है। उनके मुताबिक इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ठीक से नहीं करना और साथ ही साथ मास्क लगाने में ढिलाई बरतना।

साथ ही साथ डॉक्टर गुलेरिया ने मौसम और प्रदुषण को भी जिम्मेदार बताया है और कहा है कि प्रदुषण के कारण वायरस ज्यादा देर तक हवा में रहता है। प्रदुषण और वायरस दोनों ही फेफड़े को प्रभावित करते हैं। डॉ गुलेरिया ने बाहर के देशों का उदाहरण देते हुए कहा है कि मास्क जरुर लगाएं और जरुरी काम ना हो ता घर से बाहर ना निकलें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हम सावधानी नहीं बरतेंगे तो कोरोना वायरस संक्रमण के और ज्यादा मामले सामने आएंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी कहा है कि “युवा इस वायरस को लेकर लापरवाह हैं। उन्हें लगता है कि माइल्ड इंफेक्शन होगा और हमें कुछ करने की जरूरत नहीं है।“ इस धारणा को गलत बताते हुए डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि युवा वायरस को घर ले जा रहे हैं और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “कोरोना से संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। दिवाली के बाद तक मामले कम होते रहे तो कह सकेंगे कि पीक खत्म हो गया है। हमें आने वाले कुछ हफ्ते तक अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।“ दूसरी तरफ अब त्योहारों का मौसम शुरु हो चुका है। पहले दिवाली और उसके बाद फिर छठ का त्योहार आने वाला है। इन दोनों त्योहारों को लेकर उन्होंने कहा, “ इन त्योहारों में लोगों से वर्चुअली मिलें, त्योहार थोड़ा कम मनाएं। इस साल स्वास्थ्य जरूरी है। जो बचेगा वो अगले साल पूरा कर लेंगे।“ कोरोना से दोबारा संक्रमण के मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि माइल्ड इंफेक्शन वालों को फिर से इंफेक्शन हो सकता है। एक बार कोरोना होने के बाद फिर से भी संक्रमण हो सकता है।