हाथरस केस: हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को लगाई फटकार, पीड़ित परिवार ने अदालत में रखी 3 मांगें

हाथरस मामले में कोर्ट ने यूपी सरकार को बिना पीड़िता के परिवार के मर्जी के अंतिम संस्कार करने पर जमकर फटकार लगाई तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने पीड़िता के परिवार की सुरक्षा की मांग को मान लिया है।

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लखनऊ: बहुचर्चित हाथरस कांड को लेकर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरु कर दी है। इसके लिए यूपी सरकार और यूपी पुलिस के अधिकारी को कोर्ट के सामने हाजिर होना पड़ा और कोर्ट के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। कोर्ट ने इस मामले में पीड़ित परिवार से भी सवाल किए। इस दौरान उत्तरप्रदेश के डीजीपी, अपर मुख्य गृह सचिव और जिला प्रशासन के अफसरों को कोर्ट में हाजिर हुए। वहीं कोर्ट ने पीड़िता के परिवार के सभी पांच लोगों को भी तलब किया था। इस मुद्दे पर कड़ा रुख अख्त्यार करते हुए कोर्ट ने यूपी सरकार को पीड़िता का बिना सहमति अंतिम संस्कार करने समेत तमाम मुद्दों पर जमकर फटकार लगाई।

इस सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार ने हाई कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए तीन तरह की मांग रखी। पीड़िता के परिवार ने कोर्ट से कहा कि वह इस मामले को यूपी के बाहर के किसी राज्य में ट्रांसफर करने का आदेश दे। इसके अलावा परिवार ने अनुरोध किया कि सीबीआई जांच के सभी तथ्य जांच पूरी होने तक पूरी तरह से गोपनीय रखे जाएं, साथ ही जांच की अवधि में परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अंतिम संस्कार पर अदालत ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बिना परिवार की सहमति के पीड़िता का अंतिम संस्कार कराने पर नाराजगी जताते हुए यूपी सरकार को जमकर फटकार लगाई। इसके अलावा अदालत ने प्रशासन से तमाम और सवाल भी किए। पीड़िता का अंतिम संस्कार ऐसे क्यों किया गया, इसे लेकर अदालत में यूपी सरकार को खास जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद अदालत ने 2 नवंबर को फिर सभी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।

यूपी सरकार ने मांगा 2 नवंबर तक का वक्त
हाथरस कांड की पीड़िता के परिवार के साथ प्रसिद्ध वकील सीमा कुशवाहा ने हाई कोर्ट में तमाम दलीलें रखीं। वहीं यूपी सरकार की तरफ से अडिशनल एडवोकेट जनरल विनोद शाही अदालत में जिरह करने पहुंचे। सुनवाई के दौरान अदालत ने यूपी के डीजीपी, अपर मुख्य सचिव और हाथरस के डीएम एवं एसपी से सवाल पूछे। इसके अलावा पीड़िता के परिवार का बयान भी दर्ज कराया गया। अदालत में यूपी सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए 2 नवंबर तक समय देने की मांग की।

सुरक्षा देने की मांग को सरकार ने माना
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने पीड़िता के परिवार की उस मांग को माना, जिसमें उन्होंने जांच पूरी होने तक सुरक्षा देने का अनुरोध किया है। सरकार ने इसपर सहमति दी। हालांकि हाथरस कांड को लेकर तमाम सवालों पर यूपी सरकार कोर्ट में घिरती दिखी। इस मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होनी है, जिसके लिए सभी को फिर यहां आना होगा। बता दें कि सोमवार को इस मामले की सुनवाई के लिए ही पीड़िता का परिवार हाथरस से लखनऊ पहुंचा था। इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम भी रहे।