सरकार ने TDS दरों में 25% की कटौती की, केन्द्र ने आयकर रिटर्न की समयसीमा भी बढ़ी

आईटी रिटर्न की समय सीमा को 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है। इसके साथ ही टैक्स ऑडिट की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है। इतना ही नहीं केन्द्र ने एसेसमेंट की तारीख भी बढ़ाने का ऐलान किया है।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वुधवार को अर्थव्यवस्था के पटरी पर लाने के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के पूरी रुपरेखा देश के सामने रखा। इससे पहले मंगलवार को रात को 9 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में देश की जनता के लिए आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की थी। केन्द्र के द्वारा जारी हुई वित्तीय राहत पैकेज में TDS दरों में छूट भी शामिल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि टैक्श डिडक्शन एट सोर्स यानि TDS और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स यानि TCS  की मौजूदा दरों में 25 फीसदी की कटौती की गई है। TDS में कटौती की ये छूट कॉन्ट्रैक्ट के भुगतान, व्यवसायिक फीस, ब्याज, किराया, लाभांश, कमीशन या फिर ब्रोकरेज आय पर मिलेगी। टैक्स में कटौती पर ये छूट गुरुवार से लागू होकर वित्त वर्ष के बाकी हिस्से में जारी रहेगी। वित्त मंत्री के मुताबिक TDS और TCS की दरों में कटौती से आम लोगों के पास 50 हजार करोड़ रुपये की नकदी आएगी।

वित्तमंत्री के ऐलान के मुताबिक चैरिटेबल ट्रस्ट, नॉन कॉरपोरेट बिजनेस, एलएलपी और को ऑपरेटिव के सभी बकाया रिफंड को तुरंत जारी करने का भी फैसला किया गया है। साथ ही साथ केन्द्र ने आई रिटर्न के लिए भी देश की जनता को राहत दिया है। आईटी रिटर्न की समय सीमा को 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है। इसके साथ ही टैक्स ऑडिट की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है। इतना ही नहीं केन्द्र ने एसेसमेंट की तारीख भी बढ़ाने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कारण मंद पड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और इस संकट को एक अवसर के रूप में बदलने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज में से तीन लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऋण एमएसएमई को दिया जायेगा । इसके साथ ही एमएसएमई के परिभाषा में बदलाव करते हुये मध्यम उद्यम के कारोबार की सीमा को बढ़ाकर 100 करोड़़ रुपए कर दिया गया है। 

इस अभियान के तहत एमएसएमई के लिए तीन लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऋण देने का प्रावधान किया गया है। यह ऋण चार वर्ष के लिए होगी और पहले एक वर्ष मूलधन का भुगतान नहीं करना होगा। इसके तहत 100 करोड़ रुपए के कारोबार वाले एमएसएमई को 25 करोड़ रुपए तक का ऋण मिलेगा। बैंकों और एनबीएफसी के लिए शतप्रतिशत गारंटी कवर मिलेगा। यह योजना 31 अक्टूबर 2020 तक उपलब्ध होगी।