अमेजन-फ्लिपकॉर्ट जैसी कंपनियों को सरकार ने दी हिदायत, भारत में FDI नियमों का पालन कर व्यापार करें

अमेजन और फ्लिपकार्ट ने दशहरे के मौके पर देश के ग्राहकों को लुभाने के लिए बड़े पैमाने पर डिस्काउंट ऑफर दिया था। एक आंकड़े के मुताबिक़ 6 दिनों के इस मेगा सेल के दौरान क़रीब 19000 करोड़ रुपये के सामान बेचे गए।

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नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने अमेजन और फ्लिपकॉर्ट जैसी ई कॉमर्स कंपनियों को एफडीआई नियमों का पालन कर अपना व्यापार करने की हिदायत दी है। त्योहारों के समय इन कंपनियों द्वारा अपनी वेबसाइट के माध्यम से बेचे जानेवाले सामानों पर दिए जा रहे डिस्काउंट के बाद देश के व्यापारियों की संस्था ने सरकार से इन कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद सरकार ने इन कंपनियों को हिदायत दी है। देशी रिटेल व्यापारियों की शिकायत के बाद गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने अमेजन और फ्लिपकॉर्ट के प्रतिनिधियों को तलब किया। मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी ने इन प्रतिनिधियों के साथ मुलाक़ात कर उनसे इन शिकायतों पर जवाब मांगा है।

सूत्रों की मानें तो सरकार ने इन कंपनियों को साफ तौर पर विदेशी निवेश से जुड़े नियमों के तहत ही अपना व्यापार करने की हिदायत दी है। वहीं अमेजन ने सरकार से कहा कि भारत में उनका व्यापार पूरी तरह से एफडीआई और सरकारी नियमों के तहत ही हो रहा है। अमेजन के मुताबिक़ ‘मंत्रालय के अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत लंबी चली और सरकार ने हमें अपनी बात रखने का मौका दिया, जिसके लिए हम सरकार के धन्यवाद करते हैं और आगे भी ऐसे ही सरकार का सहयोग करते रहेंगे।

दरअसल अमेजन और फ्लिपकार्ट ने दशहरे के मौके पर देश के ग्राहकों को लुभाने के लिए बड़े पैमाने पर डिस्काउंट ऑफर दिया था। एक आंकड़े के मुताबिक़ 6 दिनों के इस मेगा सेल के दौरान क़रीब 19000 करोड़ रुपये के सामान बेचे गए। इसी के बाद देशभर के रिटेल व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था कॉनफेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स (CAIT) के एक प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य मंत्री पीयुष गोयल से बुधवार को मुलाक़ात की थी। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि ये कंपनियां एफडीआई नियमों का उल्लंघन कर व्यापार कर रही हैं जो छोटे व्यापारियों के लिए नुकसानदेह है। कॉनफेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स ने इसके लिए डिस्कॉउंट पर सामान देने के चलते जीएसटी में सरकारी राजस्व के नुकसान का हवाला दिया है।

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