निजी अस्पतालों के सीधे Corona Vaccine खरीद पर केंद्र ने लगाई रोक, मंथली स्टॉक की लिमिट होगी तय

वैक्सीन खरीद के लिए किसी भी सरकारी प्राधिकरण द्वारा अप्रूवल की कोई आवश्यकता नहीं होगी। कोविन पर खरीद आदेश को सफलतापूर्वक प्रस्तुत करना ही पर्याप्त होगा।

0
250

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम बदलाव किया है। सरकार के नए निर्देश के मुताबिक प्राइवेट अस्पताल अब सीधे वैक्सीन नहीं खरीद सकते हैं। अब उन्हें कोविन पर वैक्सीन के लिए ऑर्डर देना होगा। इसके अलावा सरकार ने वैक्सीन की मंथली स्टॉक की लिमिट भी तय करने का फैसला किया है। निजी अस्पताल महीने में कितना अधिकतम स्टॉक खरीद सकती और कितने डोज का स्टॉक रखना है इसके लिए केन्द्र ने फॉर्मूला तैयार कर लिया है।

मुंबई के अस्‍पतालों में मंगलवार को एक एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर डॉक्यूमेंट पहुंचा है, जिसके अनुसार प्राइवेट अस्पतालों में बीते महीने किसी खास सप्ताह में रोज जितनी औसत वैक्सीन की खपत हुई, उससे दोगुनी डोज ही मिलेंगी। हालांकि, निजी अस्‍पतालों को वैक्सीन के लिए रोजाना का औसत निकालने के लिए अपनी पसंद का हफ्ता चुनने की छूट होगी। इसके लिए डिटेल्स कोविन पोर्टल से ली जाएंगी।

आपको समझाने के लिए बता दें कि अगर कोई प्राइवेट टीकाकरण केंद्र जून 10-16 सप्ताह का चयन करके जुलाई के लिए ऑर्डर देता, जिस दौरान 630 खुराकें दी गई थीं, तो उस अस्पताल की दैनिक औसत खुराक 90 (630/7 = 90) होगी। इस तरह से प्राइवेट अस्पताल जुलाई के लिए अधिकतम 5400 खुराक (90 x 30 x 2 = 5,400) का ऑर्डर दे सकता है। दस्तावेज में कहा गया है कि पहले 15 दिनों के दौरान वैक्सीन की खपत के आधार पर एक महीने की अधिकतम सीमा को दूसरे पखवाड़े में संशोधित किया जा सकता है।

इसके अलावा, उन अस्पतालों के लिए जो अभी टीकाकरण अभियान में शामिल होने की योजना बना रहे हैं और जिनका पहले से वैक्सीन की खपत का रिकॉर्ड नहीं है, उनके लिए उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के आधार पर वैक्सीन की अधिकतम सीमा तय की जाएगी। 50 बिस्तरों वाला एक अस्पताल अधिकतम 3,000 खुराक का आदेश दे सकता है, जबकि 50-300 बिस्तरों वाला अस्पताल 6,000 खुराक तक और 300 बिस्तरों वाला अस्पताल 10,000 खुराक तक का आदेश दे सकता है। एसओपी दस्तावेज में कहा गया है कि निजी टीकाकरण केंद्र एक महीने में चार किस्तों में वैक्सीन का ऑर्डर दे सकते हैं।

दस्तावेज में कहा गया है कि वैक्सीन खरीद के लिए किसी भी सरकारी प्राधिकरण द्वारा अप्रूवल की कोई आवश्यकता नहीं होगी। कोविन पर खरीद आदेश को सफलतापूर्वक प्रस्तुत करना ही पर्याप्त होगा। एक बार डिमांड प्रस्तुत करने के बाद निर्माताओं को देने से पहले जिले और राज्य-वार संख्याओं को कोविन एकत्रित करेगा। निजी केंद्रों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण पोर्टल पर वैक्सीन के लिए भुगतान करना होगा। बता दें कि इससे पहले नियम यह था कि 25 फीसदी वैक्सीन प्राइवेट अस्पताल सीधे निर्माताओं से खरीद सकते थे और 75 फीसदी केंद्र अपने हिस्से में रखता था।