LJP के बागियों पर चिराग पासवान का बड़ा एक्शन, चाचा-भाई सहित पांचों सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया

तख्तापलट के खेल के बीच चिराग पासवान ने बतौर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में एलजेपी के पांचों बागी सांसदों को पार्टी से निकालने का फैसला लिया गया और फिर इसको लेकर औपचारिक घोषणा कर दी।

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पटना: एलजीपी में आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा जताया जा रहा था। आखिरकार चाचा के घर के चक्कर काट काट कर परेशान चिराग पासवान ने बड़ा एक्शन लिया और अपने चाचा और भाई सहित सभी पांचों सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दरअसल लोजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ये फैसला लिया गया। फैसले के मुताबिक पशुपति पारस, प्रिंस राज, वीणा देवी, महबूब अली कैसर और चंदन सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की वजह से पार्टी की सक्रिय सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी के इस फैसले के बाद वे पार्टी में किसी भी तरह के फैसले लेने के अधिकारी नहीं होंगे।

इससे पहले नाटकीय अंदाज में एलजेपी में टूट की ख़बरों के बाद से अब सवाल यही उठ रहा था कि पार्टी पर तो चाचा पशुपति पारस ने तो कब्जा कर लिया तो अब भतीजे चिराग पासवान का क्या होगा। लेकिन जिस तरीके से चाचा ने तख्ता पलटा था और सभी बागी सांसदों को अपने पक्ष में करने के बाद खुद को पार्टी का अध्यक्ष घोषित कर दिया था लेकिन उसके बाद फिर से भतीजे चिराग पासवान ने तख्ता पलट किया और सभी बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे पहले खासकर एलजेपी के सांसद पशुपति पारस के घर के बाहर से जो तस्वीरें सामने आईं थीं, उसने इस सवाल को और गहरा और महत्वपूर्ण बना दिया था। हालांकि, चाचा समेत अन्य सांसदों की बगावत से नाराज चिराग ने सबके खिलाफ एक्शन लिया है।

आपको बता दें कि तख्तापलट के खेल के बीच चिराग पासवान ने बतौर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में एलजेपी के पांचों बागी सांसदों को पार्टी से निकालने का फैसला लिया गया और फिर इसको लेकर औपचारिक घोषणा कर दी। आपको बता दें कि एलजेपी में टूट की खबरों के बीच चिराग सोमवार से लगातार अपने चाचा पशुपति पारस के घर का चक्कर काट रहे थे, लेकिन चाचा उनसे मुलाकात करने को तैयार नहीं थे। ऐसे में अपने शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए चिराग ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ बैठक कर ये फैसला लिया।