राम मंदिर जमीन विवाद को लेकर सीएम Yogi Adityanath ने अफसरों से मांगी जानकारी

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग की है।

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लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर की जमीन को लेकर जिस कथित घोटाले का आरोप लगाया गया है, ये मामला बढ़ता ही जा रहा है और जमकर इसपर राजनीति हो रही है। राम मंदिर की ज़मीन को लेकर बम फोड़ा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह में और इसमें लगी आग में हाथ सेंकने के लिए सपा और कांग्रेस सहित कई राजनीतिक पार्टियां आ गई। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर आधिकारियों से जानकारी मांगी। वहीं बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने जो रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी है उससे सीएम भी संतुष्ट हैं।

“आप” सांसद संजय सिंह ने जांच की मांग की

आपको बता दें कि राम मंदिर के लिए जमीन की खरीदारी के लिए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर घोटाले का आरोप लगा है। उनपर आरोप है कि उन्होंने दो करोड़ की जमीन को 5 मिनट के अंदर 18 करोड़ में खरीदा है। वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग की है। लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया था कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपए में खरीदी है। उन्होंने कहा था कि यह सीधे-सीधे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है और सरकार इसकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराये।

दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने मामले को गंभीर बताया

समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने भी अयोध्या में राय पर भ्रष्टाचार के ऐसे ही आरोप लगाए और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। सपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस, शिवसेना जैसी राजनीतिक पार्टियों ने भी इसे गंभीर मामला मानते हुए जांच की मांग की है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी सफाई

वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि आरोप लगाने वालों ने आरोप से पहले ट्रस्ट के पदाधिकारियों से तथ्यों की जानकारी नहीं ली। उन्होंने साफ साफ कहा है कि सभी लेनदेन बैंक टू बैंक हुए हैं और टैक्स में कोई चोरी नहीं की गई है।