फ्लोर टेस्ट से पहले ही देवेन्द्र फडणवीस ने दिया इस्तीफा, राजभवन में राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा

देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार दोनों नेताओं को 23 नवंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे के आस पास महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शपथ दिलाई थी। राज्यपाल के फैसले को शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

0
304
Photo: ANI

नई दिल्ली/मुंबई: वुधवरा को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले ही महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिये। पहले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उसके कुछ देऱ बाद ही मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मीडिया के सामने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। मीडिया के सामने इस्तीफे के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा देने से पहले देवेन्द्र फडणवीस मीडिया से मुखातिब हुए शिवसेना को जम कर कोसा और कहा कि हम विपक्ष में बैठेंगे और मजबुत विपक्ष का काम करेंगे।

देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, ”हम विधानसभा चुनाव में शिवसेना के साथ लड़े और बीजेपी-शिवसेना को बहुमत मिला। हमारा स्ट्राइक रेट अच्छा था।”  फडणवीस ने साफ कहा कि चुनाव से पहले शिवसेना के साथ मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि जो तय ही नहीं था वह मांग की गई, शिवसेना ने यहां तक कह दिया कि हमारे रास्ते खुले हैं। देवेंद्र फडणवीस इस्तीफे का एलान करते हुए ये भी कहा कि तीन पहियों वाली सरकार नहीं चलेगी। साथ ही उन्होंने ये भी दोहराया कि जनता ने बीजेपी को बहुतमत दिया था।

आपको बता दें कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार दोनों नेताओं को 23 नवंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे के आस पास महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शपथ दिलाई थी। राज्यपाल के फैसले को शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद मंगलवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वुधवार की शाम पांच बजे तक विधायकों को शपथ दिलाई जाए और इसके ठीक बाद फ्लोर टेस्ट हो। लेकिन अब कोर्ट का के इस फैसले से पहले ही फ्लोर टेस्ट से पहले ही अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया और इसके ठीक बाद देवेंद्र फडणवीस ने अपने इस्तीफा का महत्व समझाते हुए एलान किया।