चुनावी राज्यों में Corona वैक्सीन सर्टिफिकेट से हटेगी पीएम Narendra Modi की तस्वीर, चुनाव आयोग ने दिया आदेश…

स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में चुनाव आयोग ने आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का हवाला दिया है जो सरकारी खर्च पर विज्ञापन पर पांबदी लगाते हैं। हालांकि अपने आदेश में चुनाव आयोग ने किसी व्यक्ति या शख्सियत का हवाला नहीं दिया है

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नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने एक आदेश पारित कर स्वास्थ्य मंत्रालय को कहा है कि जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उन-उन राज्यों में चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को हटा दें। दरअसल चुनाव आयोग ने ये आदेश तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकायत के बाद दिया है।चुनाव आयोग ने सुझाव दिया है कि चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी से फोटो को हटाया जाना चाहिए।

मिली जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में चुनाव आयोग ने आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का हवाला दिया है जो सरकारी खर्च पर विज्ञापन पर पांबदी लगाते हैं। हालांकि अपने आदेश में चुनाव आयोग ने किसी व्यक्ति या शख्सियत का हवाला नहीं दिया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि वह आचार संहिता के प्रावधानों का अक्षरश: पालन करे। हालांकि जो जानकारी अबतक प्राप्त हुई है उसके मुताबिक चुनाव आयोग के आदेश के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय भी हरकत में आया लेकिन जिन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां से तस्वीर हटाने में मंत्रालय को समय लग सकता है।

दरअसल कोरोना वैक्सीन लेने के बाद इसके लाभार्थियों को दिए जाने वाले डिजिटल कोविड-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस चुनाव ने मंगलवार को चुनाव आयोग से शिकायत की थी। टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि था चार राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद यह आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था- चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। पीएम मोदी की तस्वीर अब भी कोविड-19 डॉक्यूमेंट्स पर दिख रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस चुनाव आयोग के साथ जोरदार तरीक से उठा रहा है। पीएम मोदी की तस्वीर वैक्सीन के लाभार्थियों को दिए जा रहे सर्टिफिकेट के ऊपर पीएम मोदी की तस्वीर आती है। टीएमसी ने तस्वीर को प्रधानमंत्री द्वारा अधिकार का दुरुपयोग करार दिया था। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही 26 फरवरी से आदर्श आचार संहिता लागू है।