“कौन बनेगा करोड़पति” के सेट पर अमिताभ बच्चन ने साझा किया ऐसा किस्सा, जिससे हर भारतीय को मिल सकती है प्रेरणा

"मुझे ये कहने में बिल्कुल भी शर्म नहीं है कि मेरे पिताजी अपने आसपास मौजूद लोगों का सम्मान करते थे। यह हमारी परंपरा थी कि होली के दौरान एक व्यक्ति सहसे बड़े और सम्मानित व्यक्ति के पैरों में रंग डालता है। जश्न से पहले मेरे पिता हरिवंश राय बच्चन उस शख्स के पैरों पर रंग डाला करते थे, जो शौचालयों की सफाई करता था।"

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मुंबई: महानायक अमिताभ बच्चन ने मेगा शो कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर एक ऐसा किस्सा दर्शकों के साथ सांझा किया जो करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणाश्रोत साबित हो सकता है। मौका था कौन बनेगा करोड़पति के विशेष कड़ी का, जब कार्यक्रम में मेहमान के रुप में पहुंचे थे सुलभ शौचालय के संचालक श्री बिन्देशवरी पाठक। इस विशेष एपिसोड में बिग-बी ने अपने नाम के पीछे बच्चन लगाने का कारण भी सांझा किया। उन्होंने विन्देश्वरी पाठक से बात करने के दौरान कहा, “मेरा उपनाम बच्चन किसी धर्म से संबंधित नहीं है, क्योंकि मेरे पिता इसके खिलाफ थे। मेरा उपनाम श्रीवास्तव था, लेकिन हमने कभी इस पर यकीन नहीं किया। मुझे ये कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि मैं इस परिवार का नाम बनाए रखने वाला पहला इंसान हूं।”

बिग-बी ने ये भी कहा,”जब मैं केजी में एडमिशन ले रहा था, तब मेरे पिता से मेरा उपनाम पूछा गया और तब उन्होंने निश्चय किया कि मेरा उपनाम बच्चन होगा। जब जनगणना के कर्मचारी मेरे यहां आते हैं तो वे मुझसे मेरे धर्म के बारे में पूछते हैं और मैं हमेशा उनको ये जवाब देता हूं कि मेरा कोई धर्म नहीं हैं, मैं भारतीय हूं।” अपने पिता के साथ बिताए कुछ यादों को साझा करने के दौरान एक और वाक़या को याद करते हुए कहा, “मुझे ये कहने में बिल्कुल भी शर्म नहीं है कि मेरे पिताजी अपने आसपास मौजूद लोगों का सम्मान करते थे। यह हमारी परंपरा थी कि होली के दौरान एक व्यक्ति सहसे बड़े और सम्मानित व्यक्ति के पैरों में रंग डालता है। जश्न से पहले मेरे पिता हरिवंश राय बच्चन उस शख्स के पैरों पर रंग डाला करते थे, जो शौचालयों की सफाई करता था।”

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