क्रिसमस के मौके पर छा जाएगा 1800 परिवारों पर रोटी का संकट, बंद होगा जनरल मोटर्स का भारतीय प्लांट

इसी बीच अब ये भी बात सामने आ रही है कि अगर केन्द्र सरकार से कंपनी को अनुमति मिल जाती है तो इस प्लांट को चीनी निवेश के साथ दोबारा शुरु किया जा सकता है।

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मुंबई:  भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच जो सीमा विवाद पैदा हुआ है इसका नुकसान भारत में चल रही कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को उठाना पड़ रहा है। इसी क्रम में अब अमेरिकी वाहन कंपनी जनरल मोटर्स का नाम भी आ गया है। दुखद ख़बर ये है कि क्रिसमस से ठीक एक दिन पहले जनरल मोटर्स भारत में मौजूद अपना आखिरी प्लांट बंद करने जा रहा है। इसका असर अब यहां काम कर रहे करीब 1800 परिवारों पर पड़ेगा। दरअसल जनरल मोटर्स ने इस प्लांट को बेचने के लिए चीन की बड़ी ऑटो कंपनी ग्रेट वॉल मोटर्स के साथ करार किया था जो लगभग तय था और कंपनी को उम्मीद थी कि ये डील इसी साल हो जाएगी लेकिन सीमा पर बढ़ते विवाद को देखते हुए केन्द्र सरकार ने इसपर रोक लगा दी थी। सरकार की इस रोक की वजह से जनरल मोटर्स को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

जनरल मोटर्स ने साल 1966 में महाराष्ट्र के तालेगांव में इस फैक्ट्री की स्थापना की थी, जिसके बाद से यहां रहने वाले करीब 1800 परिवारों का पेट इस फैक्ट्री से भर रहा था। लेकिन अब जब जनरल मोटर्स ने इस फैक्ट्री को बंद करने का ऐलान कर दिया है तो इसका संकट इन 1800 परिवारों को झेलना पड़ेगा। लेकिन जनरल मोटर्स ने इन परिवारों का ध्यान रखते हुए कहा है कि वो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी अपने सभी कर्मचारियों के प्रति जवाबदेह है और सभी कर्मचारियों को 25 जनवरी तक सारा भुगतान कर देगी।

दरअसल कंपनी ने 2017 में ही प्लांट को बेचने के ख्याल से 2017 से ही अपने इस प्लांट में बिक्री के लिये होने वाले प्रोडक्शन को बंद कर दिया था लेकिन निर्यात के लिए प्रोडक्शन जस का तस चल रहा था। कोरोना महामारी के दौरान ही भारत-चीन सीमा पर पड़ोसी देश के साथ जो विवाद हुआ उसके बाद नियम कड़े कर दिये गए। नियम बदलने के बाद अब कंपनी को महाराष्ट्र सरकार के साथ साथ केन्द्र सरकार से भी इजाजत लेने की जरुरत पड़ने लगी। लेकिन जून में हुए चीन और भारत के सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद भारत ने चीन पर कई व्यापारिक प्रतिबंध भी लगा दिये थे और साथ ही साथ महाराष्ट्र चीनी कंपनियों के तीन निवेश पर भी रोक लगा दी गई थी, जिसमें जनरल मोटर्स वाली डील भी शामिल थी।

मिली जानकारी के मुताबिक जनरल मोटर्स के साथ करार करने वाली चीनी कंपनी ग्रेट वाल मोटर्स ने भारत में करीब 1 बिलियन डॉलर के निवेश की योजना बनाई थी और इससे करीब 3000 लोगों को भी रोजगार मिल सकता था। लेकिन इसी बीच अब ये भी बात सामने आ रही है कि अगर केन्द्र सरकार से कंपनी को अनुमति मिल जाती है तो इस प्लांट को चीनी निवेश के साथ दोबारा शुरु किया जा सकता है।

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