अपोलो हॉस्पिटल की एमडी ने सरकार द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए पैसे निर्धारित करने को अनुचित कहा…

अपोलो अस्पताल एक मल्टी-स्पेशिलिटी हेल्थ सर्विस ग्रुप है। इस ग्रुप के पास 12,000 बिस्तरों वाले 70 से अधिक अस्पताल हैं। इसकी वेबसाइट के मुताबिक इस समूह में फार्मेसियों, प्राथमिक देखभाल और डायग्नोस्टिक ​​क्लीनिक और टेलीमेडिसिन इकाइयां भी हैं।

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नई दिल्ली: कोविड-19 के इलाज के लिए मनमाना बिल वसूलने के लिहाज से सरकार द्वारा पैसे निर्धारण के अपोलो अस्पताल प्रबंधन ने अनुचित बताया है। अपोलो अस्पताल की एमडी सुनीता रेड्डी ने कहा कि कोविड-19 का उपचार करने वाले अस्पतालों की रकम की अधिकतम सीमा निर्धारण अनुचित है, क्योंकि यहां एक से ज्यादा बीमारियों वाले रोगियों का भी इलाज किया जाता है। अपोलो अस्पताल के एमडी का बयान उस वक्त आया है जब दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित कई राज्य सरकारों ने कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए शुल्क को कम रखने के लिए बिड लगायी है। एक मीडिया हाउस को दिये इन्टरव्यू में सुनीता रेड्डी ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार है। जब कोविड-19 के लिए उपचार प्रोटोकॉल अभी तक परिभाषित नहीं किए गए हैं, तो आप लागत को निर्धारित नहीं कर सकते क्योंकि आपको पता नहीं है कि प्रत्येक रोगी की कितनी लागत आती है।”

साथ ही साथ उन्होंने ये भी कहा, “कोविड-19 का इलाज करते समय, अगर हम सिर्फ यह कहें कि हम एक फ्लू का इलाज कर रहे हैं, जिसके लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और पेरासिटामोल की आवश्यकता होती है, तो यह ठीक है। लेकिन यहां हम एक ज्यादा बीमारियों वाले रोगियों का इलाज कर रहे हैं। मूल्य निर्धारित करना बहुत अनुचित होगा।” उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान रोगियों के लिए अच्छा क्लीनिकल ​रिजल्ट देने पर है। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहती कि डॉक्टर इलाज के खर्च के बारे में सोचें। मैं चाहती हूं कि डॉक्टर मरीज को सबसे अच्छा इलाज दें। उन्होंने कहा कि अस्पताल के कई मरीज पैसे का भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “वे स्वास्थ्य बीमा  से कवर हैं या उन्होंने इस तरह के घटना के लिए पैसे अलग रखे हैं।” उन्होंने कहा कि अस्पताल इस समय पर अधिक पैसा नहीं खो सकते हैं।

आपको बता दें कि अपोलो अस्पताल एक मल्टी-स्पेशिलिटी हेल्थ सर्विस ग्रुप है। इस ग्रुप के पास 12,000 बिस्तरों वाले 70 से अधिक अस्पताल हैं। इसकी वेबसाइट के मुताबिक इस समूह में फार्मेसियों, प्राथमिक देखभाल और डायग्नोस्टिक ​​क्लीनिक और टेलीमेडिसिन इकाइयां भी हैं।