कभी वो सस्ते जूते पर खुद एडिडास लिख दौड़ती थी, अब वही ब्रांड उनके नाम के जूते बना रहा है…

आज हिमा दास जर्मनी की टॉप स्पोर्ट्स कंपनी एडिडास की ब्रांड एंबेस्डर हैं। कंपनी ने उनकी ज़रूरत के हिसाब से जूते बनवाए है। एक तरफ़ उनका नाम है तो दूसरी तरफ़ 'इतिहास रचें' लिखा है।

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नई दिल्ली: आज स्टार स्पिंटर हिमा दास और स्पॉर्ट्स वीयर बनाने वाली कंपनी को कौन नहीं जानता। क्या आपको पता है कि एक वक्त था जब आज की स्टार स्पिंटर हिमा दास उस जूते में अपने हाथ से एडिडास का लोगो बनाकर पहनती थी जिसको पहन कर वो रिंग में दौड़ती थी। लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब एडिडास उनके नाम का जूता बना रहा है। जी हां…इस बात का खुलासा किया है खुद हिमा दास ने। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना से इंस्टाग्राम पर बात करते हुए इस बात का खुलास किया है। उन्होंने अपनी इस बातचीत में कहा कि एक समय था जब वह खुद अपने हाथ से ही जूते पर एडिडास लिखी थीं, आज वह उसी कंपनी की ब्रांड एंबेस्डर हैं।

सुरेश रैना से बात करते हुए हिमा ने कहा, मैंने कई तरह के समय देखे हैं। मेरे जूते साधारण थे। जबकि दूसरे एथलीट महंगे ब्रांड के जूते पहनकर ट्रैक पर उतरते थे। मैंने शर्मिंदगी से बचने के लिए एडिडास का नाम अपने जूतों पर लिख दिया था। पहली बार नेशनल में भी वह सामान्य स्पाइक वाले जूते पहनकर उतरी थीं, जिसे उनके पिता ने दिलवाया था। हिमा ने कहा, शुरुआत में तो वह नंगे पाव ही दौड़ती थीं। पहली बार नेशनल के लिए सिलेक्ट हुई तो पिता ने स्पाइक्स वाले जूते ख़रीद लिए। इन जूतों पर हीमा ने अपने हाथों से एडिडास लिख दिया था। उस समय नहीं पता था कि इसी कंपनी की ब्रांड एंबेस्डर बनूंगी। आज एडिडास मेरे नाम के साथ जूते बना रही है।

आपको बता दें कि आज हिमा दास जर्मनी की टॉप स्पोर्ट्स कंपनी एडिडास की ब्रांड एंबेस्डर हैं। कंपनी ने उनकी ज़रूरत के हिसाब से जूते बनवाए है। एक तरफ़ उनका नाम है तो दूसरी तरफ़ ‘इतिहास रचें’ लिखा है। बता दें कि हिमा दास अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप 2018 में 400 मीटर दौड़ की चैंपियन रही हैं। इससे पहले किसी भी भारतीय ने ये कारनामा नहीं करके दिखाया है। साल 2018 के एशियाई खेलों में भी उनहोंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

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