100 साल बाद अपने जगह पर लौटेंगी मां अन्नपूर्णा, पीएम मोदी ने जताया कनाडा सरकार का आभार…

कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना की मैकेंजी आर्ट गैलरी में प्रदर्शित इस मूर्ति पर भारतीय मूर्ति कलाकार दिव्या मेहरा की नजर पड़ी। जब मूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो इसबात का पता चला कि साल 1936 में इस मूर्ति की वसीयत मैकेंजी ने करवाई थी।

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नई दिल्ली: रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम की शुरुआत एक खुशख़बरी के साथ हुई। वो खुशखबरी थी कि करीब 100 सालों के बाद मां अन्नपूर्णा की मूर्ति भारत वापस लौट रही है। मां अन्नपूर्णा की ये मूर्ति सौ साल पहले मूर्ति वाराणसी से चोरी हो गई थी। लेकिन अब लंबे समय के बाद अब कनाडा सरकार ने इसे भारत की विरासत मान ली है और 19 नवंबर को भारतीय उच्चायोग को सौंप दिया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कनाडा सरकार का आभार व्यक्त किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रतिमा लगभग सौ साल पहले 1913 के करीब, वाराणसी के एक मंदिर से चुराकर देश से बाहर भेज दी गई थी। मैं कनाडा की सरकार और इस पुण्य कार्य को संभव बनाने वाले सभी लोगों का इस सहृदयता के लिए आभार प्रकट करता हूं।

दरअसल कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना की मैकेंजी आर्ट गैलरी में प्रदर्शित इस मूर्ति पर भारतीय मूर्ति कलाकार दिव्या मेहरा की नजर पड़ी। जब मूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो इसबात का पता चला कि साल 1936 में इस मूर्ति की वसीयत मैकेंजी ने करवाई थी। लेकिन दस्तावेज में मैंकेंजी को ये मूर्ति कहां से मिली, किसने दी इसका कोई भी ब्योरा दर्ज नहीं था। इसी को आधार बनाते हुए इस मामले को कनाडा सरकार के सामने उठाया गया। जिसका नतीजा ये हुआ कि कनाडा सरकार द्वारा जांच किये जाने के बाद मां अन्नपूर्णा की इस बेशकीमती मूर्ति भारत को सौंप दिया गया।