क्या शरद पवार ने अनिल देशमुख को दे दी क्लीन चिट? परमबीर सिंह की चिट्ठी को कहा ATS की जांच से ध्यान भटकाने की कोशिश…

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अनिल देशणुख का बचाव करते हुए कहा है कि चिट्ठी में जिस अवधि के दौरान मिलने की बात कही गई है उस दौरान देशमुख कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती थे।

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Photo: ANI

मुंबई: एकतरफ जहां मुंबई पुलिस के पूर्व कमिशनर परमबीर सिंह के चिट्टी बम के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी बवाल मचा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ रविवार की रात में एनसीपी ने स्पष्ट कर दिया था कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख इस्तीफा नहीं देंगे। हालांकि पहले एनसीपी चीफ शरद पवार ने चिट्ठी में लिखे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए ये संकेत दिये थे कि गृहमंत्री अनिल देशमुख इस्तीफ़ा दे सकते हैं लेकिन रात होते होते पूरी की पूरी कहानी बदल गई। वहीं दूसरी सोमवार को एनसीपी चीफ मीडिया के सामने आये और अनिल देशमुख का बचाव करते हुए कह दिया कि उन्हें पहली नज़र में आरोप गंभीर लगे थे लेकिन जब पड़ताल की तो पता चला कि फरवरी महीने में अनिल देशमुख औऱ सचिन वाजे के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई थी।

चिट्ठी का ज़िक्र करते हुए शरद पवार ने कहा कि अगर लेटर को देखेंगे तो उसमें इस बात की चर्चा है कि फरवरी में उन्हें कुछ अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया था कि उन्हें गृहमंत्री से ऐसे निर्देश मिले हैं…6 फरवरी से लेकर 15 फरवरी तक अनिल देशमुख कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती थे। परमबीर सिंह ने इन्ही अवधि के दौरान आरोपों की बात की है। साथ ही शरद पवार ने ये भी कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वो 16 फरवरी से लेकर 27 फरवरी तक वो होम क्वारंटीन थे। साथ ही शरद पवार ने ये भी कहा कि पहली नजर में मुझे लगा कि आरोप गंभीर हैं, बारीकी से देखने के बाद पता चला कि देशमुख का कोई रोल नहीं है। देशमुख के त्यागपत्र को लेकर जो मांग है उस मांग का कोई आधार नहीं है। शरद पवार ने कहा कि ATS की जांच सही दिशा में जा रही है, चिट्ठी के जरिए सिर्फ जांच से ध्यान भटकाने के लिए कोशिश की जा रही है।

वहीं एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने की ‘‘साजिश’’ रची गई है। उन्होंने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लिखे गए उस पत्र के समय पर भी सवाल उठाए जिसमें पुलिस अधिकारी ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मलिक ने यह भी कहा कि पार्टी ने यह फैसला किया है कि अभी देशमुख को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘देशमुख की किस्मत पर फैसला जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।’’