AIR INDIA सौदे को लेकर अपने ही सरकार के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं सुब्रमण्यम स्वामी, सौदे को बताया देशविरोधी

एअर इंडिया पर महज 18,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। जब इसके लिए बोली आमंत्रित की जाएगी, तो उसमें खातों में 18,000 करोड़ का कर्ज ही दिखाया जाएगा।

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नई दिल्ली: एअर इंडिया के विनिवेश को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार ने सारी तैयारियां शुरु कर दी है। लेकिन इस सौदेबाजी को कानूनी अरचनों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इस सौदेबाजी को लेकर अपने ही सरकार के खिलाफ हो गए हैं बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। मोदी सरकार ने सोमवार को शुरुआती जानकारी वाला मेमोरंडम जारी कर दिया और अब सरकार के इस प्रस्ताव के खिलाफ बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी खड़े हो गए हैं। उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और कहा है कि यह सौदा पूरी तरह से देश विरोधी है और मुझे कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हम परिवार की बेशकीमती चीज को नहीं बेच सकते। ये कोई पहला मामला नहीं हैं जब इस विनिवेश को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने विरोध नहीं किया है, जबकि पहले भी वो कईबार इस मुद्दे पर अपना विरोध और नाराजगी जता चुके हैं। अब जानकारों का मानना है कि केंद्र के इस फैसले को लेकर राजनीतिक और कानूनी अड़चन पैदा हो सकती है।

सुब्रमण्यम स्वामी एअर इंडिया विनिवेश को लेकर बोली प्रक्रिया के लिए उठाए गए कदम के खिलाफ पहले भी चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने यह कहते हुए भी इसकी आलोचना की कि इस मुद्दे पर फिलहाल संसदीय पैनल द्वारा चर्चा की जा रही है। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि अभी यह रामर्शदात्री समिति के सामने है और मैं इसका एक सदस्य हूं। मुझे एक नोट देने के लिए कहा गया है, जिस पर अगली बैठक में चर्चा की जाएगी। वे इसके बिना आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था अगर वे ऐसा करते हैं तो मैं अदालत जाऊंगा, वे यह भी जानते हैं।

आपको बता दें कि मोदी सरकार की ओर से जारी बिड डॉक्यूमेंट के मुताबिक एअर इंडिया एक्सप्रेस की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी। इसके अलावा एअर इंडिया और SATS की जॉइंट वेंचर कंपनी AISATS में एअर इंडिया की 50 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी। एअर इंडिया का मैनेजमेंट कंट्रोल भी बोली जीतने वाली कंपनी को मिल जाएगा। सरकार ने एअर इंडिया के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट यानी निवेश की इच्छा दिखाने के लिए 17 मार्च तक की डेडलाइन जारी की है।

मिली जानकारी के मुताबिक एअर इंडिया के लिए संभावित बिडर्स में टाटा समूह, हिंदुजा, इंडिगो, स्पाइसजेट और कई निजी इक्विटी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि माना जा रहा है कि एअर इंडिया की नीलामी में शामिल होने के लिए कई विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों से साझेदारी कर सकती हैं। यहां आपको ये भी बता दें कि घाटे में चल रही एअर इंडिया पर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें विमानों की खरीद और कार्यशील पूंजी हेतु लिए गए दीर्घकालिक कर्ज भी शामिल हैं। आपको यहां ये भी बता दें कि अब एअर इंडिया पर महज 18,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। जब इसके लिए बोली आमंत्रित की जाएगी, तो उसमें खातों में 18,000 करोड़ का कर्ज ही दिखाया जाएगा।