डंके की चोट पर कह रहा हूं, सिटिजनशिप एक्ट वापस नहीं होने वाला – अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि नागरिकता कानून के मुद्दे पर कांग्रेस के महात्मा गांधी और पंडित नेहरू की भी बात नहीं सुनना चाहती है।

0
67
Photo: ANI

लखनऊ: नागरिकता कानून के समर्थन में लखनऊ में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर जम कर निशाना साधा और कहा, “इस बिल को लेकर कांग्रेस, टीएमसी, मायावती, सपा और कम्युनिष्ट कांव-कांव चिल्ला रहे हैं। मैंने इस बिल को संसद में पेश किया है मैं चुनौती देता हूं कि इस बिल में की किसी भी धारा में अगर किसी शख्स की नागरिकता छीनने की बाद है तो दिखाएं। साथ ही साथ उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार हो रहा है। अफगानिस्तान में बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी गईं। लेकिन राहुल बाबा आपकी पार्टी पाप के कारण धर्म के आधार पर देश का विभाजन स्वीकार कर लिया गया।

विभाजन की बात करते हुए गृहमंत्री ने कांग्रेस पर निशान साधा औऱ कहा, “जब विभाजन हुआ तो पूर्वी पाकिस्तान यानी आज बांग्लादेश में 30 फीसदी और पाकिस्तान में 23 फीसदी अल्पसंख्यक थे। लेकिन आज वह कहां गए? या तो उन्हें मार दिया गया या फिर धर्म परिवर्तन करा दिया गया। इन आंख के अंधों और कान बहरों को न सुनाई देता है और न दिखाई देता है।” मानवाधिकार पर भी बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ” मैं मानवाधिकार के लोगों से पूछना चाहता हूं कि उस समय कहां चले गए थे जब कश्मीर से पंडितों को भगा दिया गया। इन 70 सालों से पीड़ित लोगों को नरेंद्र मोदी ने नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है। ये जो सिख, हिंदू और बौद्ध उनको नागरिकता दी गई. जिनको विरोध करना हो करे मैं डंके की चोट पर कहना चाहता हूं कि सिटिजनशिप एक्ट वापस नहीं होने वाला।”

अमित शाह ने कहा कि नागरिकता कानून के मुद्दे पर कांग्रेस के महात्मा गांधी और पंडित नेहरू की भी बात नहीं सुनना चाहती है। अमित शाह ने अखिलेश यादव को भी नहीं बख्शा। अखिलेश पर निशाना साधते हुए उऩ्होंने कहा,  “आप ज्यादा न बोला करें। बिना पढ़े हर बात पर बोलते हो। पढ़ा करो इससे फायदा होता है। साथ ही अमित शाह ने ये भी कहा कि अखिलेश यादव को राहुल गांधी की आदत पड़ गई है कि वह देशहित की हर बात का विरोध करते हैं। राहुल गांधी और ममता बनर्जी कहते थे कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 न हटाओ। जो गलती जवाहर लाल नेहरू ने की थी और उसे नरेंद्र मोदी ने उखाड़ कर फेंक दिया।

अमित शाह के इस भाषण में ज़िक्र राम मंदिर का भी आया। इसकों लेकर उन्होंने कांग्रेस को ऩिशाने पर लिया। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल कहते थे कि अभी राम मंदिर पर फैसला न दो। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है लेकिन तीन महीने में वहां मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। जेएनयू में भारत के टुकड़े के नारे लगाने वालों को पीएम मोदी ने जेल में डाला लेकिन ये राहुल, अखिलेश यादव और मायावती ने कहा कि यह बोलने की आजादी का अधिकार है। मैं आज आखिलेश यादव से कहना चाहता हूं कि आप बीजेपी को जितना गाली देना चाहते हैं दीजिए लेकिन देश के खिलाफ नारे लगाने वालों को जेल भेजा जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here