दिल्ली की सत्ता पर लगातार तीसरी बार काबिज हुए अरविंद केजरीवाल, अन्य मंत्रियों संग ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

दिल्ली के मुख्यमंत्री के इस शपथ समारोह में मंच पर दिल्ली को संवारने के लिए योगदान देने वाले 50 विशेष अतिथि विराजमान थे। इन विशेष अतिथियों में मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर, दिल्ली के सरकारी स्कूल टीचर्स, बाइक ऐम्बुलेंस राइडर्स, सफाई कर्मचारी, कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, बस मार्शल, ऑटो ड्राइवर आदि शामिल हुए।

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अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री पद और गोपनियता की शपथ लेते हुए।

नई दिल्ली: पहले साल 2013 और फिर साल 2015 और अब साल 2020… दिल्ली की सत्ता पर लगातार तीसरी बार रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ लेने के बाद बतौर मुख्यमंत्री काबिज हो गए हैं। उनके साथ साथ मनीष सिशोदिया सहित कुल 6 मंत्रियों ने भी पद और गोपनियता की शपथ ली। नियता की शपथ ली. दिल्ली के रामलीला मैदान में  ‘धन्यवाद दिल्ली’ लिखे बड़े पोस्टर लगाए गए हैं. केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और राजेंद्र पाल गौतम मंत्री पद की शपथ ली। पूरा रामलीला मैदान धन्यवाद दिल्ली लिखी पोस्टर से पटी हुई थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री के इस शपथ समारोह में मंच पर दिल्ली को संवारने के लिए योगदान देने वाले 50 विशेष अतिथि विराजमान थे। इन विशेष अतिथियों में मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर, दिल्ली के सरकारी स्कूल टीचर्स, बाइक ऐम्बुलेंस राइडर्स, सफाई कर्मचारी, कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, बस मार्शल, ऑटो ड्राइवर आदि शामिल हुए। रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए एक विशेष समारोह में अरविंद केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद दिल्ली को एक स्थाई सरकार मिल गई है। हालांकि ख़बर लिखे जाने तक दिल्ली सरकार में मंत्रालय का अावंटन अभी नहीं हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि हरबार की तरह एकबार फिर मनीष सिशोदिया सरकार में उपमुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री बनाए जा सकते हैं। 

हालांकि आम आदमी पार्टी के कैबिनेट को लेकर इससे पहले काफी बवाल भी हुआ था। अरविंद केजरीवाल के इस नई कैबिनेट के बारे में ये भी हो रही थी कि इस कैबिनेट में किसी महिला को तरजीह नहीं दी गई है। लेकिन इस विवाद पर मनीष सिशोदिया ने ये कह कर विराम लगा दिया कि अरविंद केजरीवाल का पुराने कैबिनेट को ही नई सरकार में ले जाना सही कदम है। मनीष सिशोदिया के मुताबिक दिल्ली की जनता ने उनका काम देखकर ही तीसरी बार उनकी सरकार को वोट दिया है और भारी मतों से विजयी बनाया है। कैबिनेट का विवाद थमा तो शपथग्रहण समारोह को लेकर भी काफी बवाल हुआ।

यहां आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सभी अध्यापकों को निश्चित तौर पर शामिल होने का फरमान जारी किया गया था, जिसका बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने पुरज़ोर विरोध किया। इसको लेकर और भी विपक्षी पार्टियों ले बवाल किया और फिर बाद में आम आदमी पार्टी को इसको लेकर यू टर्न लेना पड़ा और मनीष सिशोदिया मे सामने आकर इस फरमान को रद्द किया।

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