ओवैसी ने जताई आशंका, कहा – 8 फरवरी के बाद जालियांवाला बाग में बदल सकता है शाहीनबाग

हाल ही में एक चुनावी सभा के दौरान दिल्ली में अनुराग ठाकुर के मंच से नारे लगवाए थे कि "देश के गद्दारों को... गोली मारों..."। साथ ही अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा था कि जब 8 फरवरी के चुनाव में बीजेपी जीत कर दिल्ली की सत्ता में आएगी तो शाहीनबाग को खाली करा दिया जाएगा।

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नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीनबाग में हो रहा प्रदर्शन अब आम नहीं रहा बल्कि इसको लेकर अब हर राजनीतिक पार्टी अपनी राजनीति की रोटी सेंक रहा है। इसी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर अब एआईएमआईएम के चीफ असदद्दीन ओवैसी का एक बड़ा बयान सामने आया है। ओवैसी ने आशंका जताई है कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद दिल्ली का शाहीनबाग जालियांवाला बाग में तब्दील हो सकता है। ओवैसी ने कहा कि उन्हें आशंका है कि दिल्ली के शाहीनबाग में करीब 50 दिन से अधिक समय से सीएए के खिलाफ में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल का इस्तेमाल करेगी।

ओवैसी ने ये बाद समाचार एजेंसी एएनआइ से फोन पर बातचीत के दौरान बताई है। जब ओवैसी से पूछा गया कि सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि 8 फरवरी के बाद शाहीन बाग को साफ कर दिया जाएगा। तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, “हो सकता है कि उन पर गोली चलाई जाए, शाहीन बाग को जलियांवाला बाग में बदला जा सकता है। ऐसा हो सकता है। भाजपा के मंत्री ने ‘गोली चलाने’ का बयान दिया। सरकार को एक जवाब देना चाहिए कि कौन कट्टरता फैला रहा है।” ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के ‘गोली मारों’ वाले बयान के परिपेक्ष में ये हात कही है।

आपको बता दें कि हाल ही में एक चुनावी सभा के दौरान दिल्ली में अनुराग ठाकुर के मंच से नारे लगवाए थे कि “देश के गद्दारों को… गोली मारों…”। साथ ही अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा था कि जब 8 फरवरी के चुनाव में बीजेपी जीत कर दिल्ली की सत्ता में आएगी तो शाहीनबाग को खाली करा दिया जाएगा। फोन पर दिये इस इंटरव्यू के दौरान ओवैसी ने एनपीआर यानी राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी और एनआरसी पर भी अपनी राय रखी। ओवैसी ने कहा, “सरकार को यह स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि साल 2024 तक देश में एनआरसी लागू नहीं होगा। वे एनपीआर पर 3900 करोड़ रुपए क्यों खर्च कर रहे हैं?”

उन्होंने आगे ये भी कहा कि “मैं ऐसा महसूस कर रहा हूं, क्योंकि मैं इतिहास का छात्र रहा हूं। हिटलर ने अपने शासनकाल में दो बार जनगणना कराई। इसके बाद उसने यहूदियों को एक गैस चैंबर में धकेल दिया। मैं नहीं चाहता कि हमारे देश में ऐसा कुछ हो।”