विशाखापट्टनम में भोपाल के बाद सबसे बड़ा गैस कांड! अब तक 7 की मौत, 1000 लोग भर्ती

ये गैस कैसे लीक हुआ इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने घटना के बारे में जानकारी ली है।

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विशाखापट्टनम​: गुरुवार तड़के जब पूरा विशाखापट्टनम नींद के आगोश में था उस वक्त भोपाल के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा गैसकांड हो गया। एक फ़ार्मा कंपनी के प्लांट से गैस लीक होने के बाद एक बच्चा सहित 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 1000 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक इनमें से 120 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हैरान करने वाली बात ये है कि इस गैस लीक से 3 किमी. का इलाका प्रभावित हुआ है। फिलहाल प्रशासन की तरफ से एहतियातन उस रेंज में आने वाले 6 गांवों को खाली करा लिया गया है। जो गैस प्लांट से लीक हुई है, उसका नाम स्टाइरीन बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक विशाखापट्टनम के आर.आर. वेंकटपुरम गांव में एल.जी पॉलिमर उद्योग नामक कंपनी के अंदर ये गैस लीक हुआ है। गैस लीक होने के बाद से ही वहां मौजूद लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होने लगी जिसके बाद लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसको गंभीरता से लिया और इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने हालात का जायजा लेने के लिए आपदा प्रबंधन की बैठक बुलाई है। पीएम मोदी ने ट्ववीट कर लिखा, ‘मैंने विशाखापट्टनम की स्थिति के बारे में  MHA (गृह मंत्रालय) और NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के अधिकारियों से बात की है जिस पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। मैं विशाखापट्टनम में सभी की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी से फोन पर बातचीत की और उन्हें हर संभव सभी मदद और सहायता का आश्वासन दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर बताया है कि इस घटना पर नजर रखी जा रही है।अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘विशाखापट्टनम में हुई घटना परेशान करने वाली है। NDMA के अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों से बात की। हम स्थिति पर लगातार और बारीकी से नजर रख रहे हैं। मैं विशाखापट्टनम के लोगों के अच्छे होने की प्रार्थना करता हूं।’

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पूरी घटना पर दुख प्रकट किया है पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

बताया जा रहा है कि जब गैस लीक हुई तब लोगों को घबराहट होनी शुरू हुई और सांस लेने में दिक्कत होनी शुरु हो गई, जिसके बाद लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और अब हालात ऐसे हैं कि खबर लिखे जाने तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 120 लोग गंभीर हालत में हैं। हालांकि ये गैस कैसे लीक हुआ इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने घटना के बारे में जानकारी ली है और जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को उचित इलाज मिले।