ताउम्र जेल में रहेगा उन्नाव रेप मामले का दोषी कुलदीप सेंगर, दिल्ली की कोर्ट ने सुनाया फैसला

कुलदीप सिंह सेंगर को 14 अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में कोर्ट ने एक और आरोपी शशि सिंह को भी संदेह के घेरे में तो रखा लेकिन इस मामले में उसके खिलाफ पुख्ता सबूत न होने के कारण संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने उसे इस मामले से बरी कर दिया था।

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नई दिल्ली: उन्नाव रेप केस के दोषी और बीजेपी से निलंबित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को अब ताउम्र जेल में रहना होगा। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप केस मामले में सजा का ऐलान करते हुए दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को उम्र् कैद की सजा सुनाई और उसपर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसी हफ्ते मंगलवार को कोर्ट ने सेंगर को दोषी करार देते हुए शुक्रवार तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अपना फैसला सुनाने के दौरान जज से साफ कर दिया था कि जबतक कुलदीप सिंह सेंगर जिंदा रहेगा वो जेल में ही रहेगा।

अपना फैसला पढ़ते हुए जज ने कहा, “वो पब्लिक सर्वेट था, लेकिन जनता के साथ विश्वासघात किया। पीड़ित परिवार को प्रताड़ित किया और उसकी ओर से धमकियां दी गईं।” जब इस मामले को लेकर सजा पर बहस हो रही थी तो सीबीआई ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि यह मामला केवल रेप का नहीं है, इसमें बड़ी बात मानसिक उत्पीड़न की है।

बहस के दौरान सेंगर के वकील ने कोर्ट में सेंगर का पक्ष रहते हुए कहा था कि उसकी (सेंगर) उम्र 54 साल है और उनका पूरा करियर लोगों की सेवा में बीती है। 2002 से लगातार वो जनता की मांग पर चुनाव लड़े और विधायक बने। वकील ने यह भी कहा कि सेंगर की दो बेटियां भी हैं जो शादी के लायक हैं, ऐसे में उनको कम से कम सजा दी जानी चाहिए। आपको बता दें कि कुलदीप सेंगर पर अभी भी तीन और मामले कोर्ट में चल रहे हैं। रेप के एक मामले में सेंगर को दोषी करार दिया गया है।

बीजेपी से निष्कासित चल रहे विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 14 अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में कोर्ट ने एक और आरोपी शशि सिंह को भी संदेह के घेरे में तो रखा लेकिन इस मामले में उसके खिलाफ पुख्ता सबूत न होने के कारण संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने उसे इस मामले से बरी कर दिया था।