देश में 25 मई से शुरू होंगी घरेलू उड़ानें, सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का रखना होगा ध्यान…

मंत्री के मुताबिक सभी हवाई अड्डों और विमानन कंपनियों को 25 मई से परिचालन के लिए तैयार रहने को सूचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय यात्री परिवहन के लिए मानक परिचालन प्रक्रियाएं यानि एसओपी अलग से जारी कर रहा है।

0
62

नई दिल्ली: देश में 25 मई से घरेलू उड़ानों की सेवा को शुरू किया जा रहा है। खुद नागरिक उड्डयन मंत्री दरजीप पूरी ने इस बात की जानकारी दी है। हरदीप पूरी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी जी है। लेकिन साथ ही साथ ये भी कहा गया है कि कि यात्रा के लिए आये लोगों को सोशन डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखना होगा। आपको बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर लागू लॉकडाउन के चलते राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी लगी हुई है। मोदी सरकार ने हाल ही में फिर से रेल सेवा की शुरुआत की और उसके बात से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही हवाई सेवा भी बहाल की जाएगी। लेकिन मंत्री के जानकारी के मुताबित अब सभी घरेलू उड़ानें भी सोमवार से शुरू होंगी।

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि घरेलू व्यावसायिक यात्री उड़ानों को 25 मई से क्रमिक तरीके से बहाल किया जाएगा। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच देश में 25 मार्च से सभी व्यावसायिक यात्री उड़ानें रोक दी गई थी। पुरी ने ट्वीट किया है कि घरेलू उड़ानों का परिचालन 25 मई, 2020 से क्रमिक तरीके से फिर शुरू किया जाएगा। सभी हवाई अड्डों और विमानन कंपनियों को 25 मई से परिचालन के लिए तैयार रहने को सूचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय यात्री परिवहन के लिए मानक परिचालन प्रक्रियाएं यानि एसओपी अलग से जारी कर रहा है।

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा था कि केन्द्र सरकार यात्री उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने पर अकेले फैसला नहीं ले सकती और राज्य सरकारों को सहकारी संघवाद की भावना के तहत इन सेवाओं की अनुमति देने के लिए तैयार होना चाहिए। भारत में मोदी सरकार द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये 25 मार्च को लॉकडाउन लागू करने के बाद से यात्री उड़ानें निलंबित हैं। पुरी ने ट्वीट किया, ”घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने पर नागर विमानन मंत्रालय या केन्द्र सरकार अकेले कोई फैसला नहीं ले सकती। सहकारी संघवाद की भावना के तहत जिन राज्यों से ये उड़ानें उड़ान भरेंगी या उतरेंगी, उन्हें नागर विमानन संचालन की अनुमति देने के लिये तैयार होना चाहिये।