मोदी सरकार ने गरीबों की मदद के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात की भी जानकारी दी कि 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को 500 रुपये प्रति महीने अगले तीन महीनों तक मिलते रहेंगे। इसका 20 करोड़ महिलाओं को फायदा मिलेगा।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: कोरोना वायरस से जहां एक तरफ अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, वहीं दूसरी तरफ केन्द्र सरकार ने गरीब तबके के लोगों को राहत देने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। इस राहत पैकेज की घोषणा खुद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने की है। गुरुवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत गरीबों को खाते में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर होगा और खाद्य सुरक्षा के जरिए मदद की जाएगी। इस बात की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अभी लॉकडाउन को 36 घंटे ही हुए हैं सरकार प्रभावितों और गरीबों की मदद के लिए काम कर रही है। हम 1.70 लाख करोड़ रुपये पैकेज लेकर आए हैं, जो गरीबों का ध्यान रखेगा, जिन्हें तुरंत मदद की जरूरत है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारणण ने इसबात की भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे कोरोना वायरस से लोगों को बचा रहे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत किसी भी गरीब को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। अभी 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल प्रति व्यक्ति मुफ्त मिलता है। अगले तीन महीने तक इन्हें अतिरिक्त 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चाव दिया जाएगा। प्रति परिवार एक किलो दाल भी दिया जाएगा। दाल क्षेत्र के मुताबिक लोगों की पसंद का दिया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना के तहत किसानों, मनरेगा, गरीब विधवा, गरीब पेंशनधारी और दिव्यांगों, और जनधन अकाउंट धारी महिलाओं, उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाएं, स्वंय सेवा समूहों की महिलाओं और संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों, कंस्ट्रक्शन से जुड़े मजदूरों को मदद दी जाएगी। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को सालाना 6 हजार रुपये पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मिलते हैं, हम इसकी पहली किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते किसानों को देंगे। इसका 8.69 करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत मजदूरी करते हैं, इनकी दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है। प्रति मजदूर को करीब 2000 रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी। इसका फायदा 5 करोड़ मजदूरों को मिलेगा। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब बुजुर्गों, गरीब विधवा और गरीब दिव्यांगों को दो किस्तों में अतिरिक्त एक हजार रुपये दिए जाएंगे, अगले तीन महीनों में। इससे 3 करोड़ बुुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों को फायदा होगा। यह डीबीटी के जरिए उनके खातों में जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात की भी जानकारी दी कि 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को 500 रुपये प्रति महीने अगले तीन महीनों तक मिलते रहेंगे। इसका 20 करोड़ महिलाओं को फायदा मिलेगा। तीन महीने में इन्हें कुल 15 सौ रुपये की मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को सिलेंडर दिए गए हैं। 8 करोड़ महिलाओं को इससे धुएं से मुक्ति मली है। इस मुश्किल घड़ी में उनके लिए तीन महीने तक मुफ्त सिलेंडर दिया जाएगा। इससे 8.3 करोड़ बीपीएल परिवारों को फायदा होगा। महिलाओं के स्वंय सेवा समूह 63 लाख हैं, 7 करोड़ परिवार इससे जुड़े हैं। इन्हें 10 लाख रुपये तक गारंटी के बिना लोन मिलता था अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। 

संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए दो घोषणाएं की गई हैं। इपीएफ की 24% रकम अगले 3 महीने तक सरकार ही देगी। ये 100 कर्मचारियों तक के संस्थानों के लिए होगा, जिसमें 90% कर्मचारियों की औसत आमदनी 15000 प्रतिमाह है। इससे 80 लाख कर्मचारियों और 4 लाख कंपनियों को इसका फायदा होगा। पीएफ रेग्युलेशन में संशोधन किया जाएगा ताकि इस मुश्किल घड़ी में कर्मचारी आकस्मिक निधि से 75 फीसदी तक फंड या तीन महीने के वेतन के बराबर जो भी कम है, कर्मचारी निकाल सकते हैं। इससे 4.8 करोड़ कर्मचारियों को फायदा मिलेगा जो ईपीएफओ के सदस्य हैं। राष्ट्र निर्माण में भवन और अन्य निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों की बड़ी भूमिका है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों के लिए फंड है। इसमें 31 हजार करोड़ रुपये का फंड है। साढ़े तीन करोड़ रजिस्टर्ड मजदूरों की मदद के लिए राज्य सरकारों को कहा गया है

राज्य सरकारों के पास यह धन उपलब्ध रहता है। इसका उपयोग स्वास्थ्य जांच, उपचार और दवाओं के लिए किया जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कई घोषणाएं की थीं। उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न भरने, जीएसटी रिटर्न, आधार-पैन लिंकिंग आदि के लिए समयसीमा को बढ़ाने का ऐलान किया था। वित्तीय वर्ष 18-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख को 30 जून तक बढ़ाया गया। लेट भुगतान 12 फीसदी से 9 फीसदी किया गया। ये राहत उन लोगों के लिए है जो 30 मार्च तक नहीं कर पाने की स्थिति में हैं। आधार से पैन लिंक करने की तारीख भी बढ़ाई गई है और उसे 30 जून 2020 तक कर दिया गया है। विवाद से विश्वास योजना की समय सीमा को भी 30 जून 2020 तक बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि कर विवाद से जुड़ी मूल राशि के भुगतान पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। जीएसटी फाइल करने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मार्च, अप्रैल, मई 2020 की जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि जून 2020 तक बढ़ाई गई है।

कोरोना के मद्देनजर देश की जनता को राहत पैकेज के ऐलान को अब विपक्षी पार्टियों का भी सपोर्ट मिल रहा है। खुद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार के इस कदम का सराहना की है। इतना ही नहीं, हर पार्टी सरकार के फैसले के साथ खड़ा दिख रही है। आपको बता दें कि देश में अबतक कोरोना के कम से कम 593 मामलों की पुष्टि हुई और इसके संक्रमण से अबतक 13 लोगों की मौत हो गई है।

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