JNU फीस विवाद में कूदी हिंदू महासभा, कहा- ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाएं और डिस्काउंट पाएं

स्वामी चक्रपाणि ने जेएनयू में पढ़ रहे ज्यादातर छात्रों को भारत विरोधी करार देते हुए कहा है कि उनकी इस मांग के पीछे का तर्क यही है कि वहां के छात्र देश विरोधी हैं।

0
69
FILE Photo

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में चल रहे फीस विवाद को अब धार्मिक मोड़ पर ले जाने की भी कोशिश की जा रही है और शायद इसी के मद्देनजर अब हिन्दू महासभा इस विवाद में कूद गया है। हिन्दू महासभा ने अपनी एक टिपण्णी से एक नया मोड़ ला दिया है। हिन्दू महासभा के मुखिया स्वामी चक्रपाणि ने कहा, “जेएनयू के छात्र जय श्रीराम का नारा लगाकर सस्ती फीस का लाभ उठा सकते है। ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ कहना जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कम फीस का लाभ उठाने के लिए एक शर्त होनी चाहिए। “

स्वामी चक्रपाणि ने जेएनयू में पढ़ रहे ज्यादातर छात्रों को भारत विरोधी करार देते हुए कहा है कि उनकी इस मांग के पीछे का तर्क यही है कि वहां के छात्र देश विरोधी हैं। स्वामी चक्रपाणि यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा, “माता-पिता अपने बच्चों को खाना खिलाते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि अगर वह गुमराह हो जाएं तो वे उन्हें अनुशासित नहीं कर सकते हैं। जो छात्र भटक गए हैं, उन्हें भी अनुशासित करने की जरूरत है।” उन्होंने जेएनयू छात्रों को ‘पीजा-बर्गर वाला’ करार देकर ‘संस्कारों की कमी वाला’ बताया।

यह पूछे जाने पर कि जय श्री राम तो एक धार्मिक नारा है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, “जो भगवान श्रीराम का नाम लगाएगा, वह मर्यादित रहेगा। अगर आप उनका नाम नहीं लेना चाहते, तो आप ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ तो कह सकते हैं। यह तो बोल सकते हो। ऐसा करना देशभक्ति है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here