राज्यसभा में गृहमंत्री का बयान, कहा – कश्मीर में हालात बेहतर, 5 अगस्त के बाद पुलिस फायरिंग में नहीं गई कोई जान

अमित शाह ने कहा, ‘’जब देश की सुरक्षा, कश्मीर के नागरिकों की सुरक्षा का सवाल है और आतंकवाद से लड़ाई का सवाल है, तब कहीं न कहीं प्रायोरिटी तय करनी पड़ती है।

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद क्या हैं घाटी के हालात, इसपर गृहमंत्री अमित शाह ने वुधवार को राज्यसभा को अवगत कराया। राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर में हालात अब सामान्य हैं और 5 अगस्त को आर्टिकल 370 हटने के बाद से पुलिस फायरिंग में एक भी शख्स की मौत नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने सदन को ये भी अवगत कराया कि जम्मू-कश्मीर में सही समय पर इंटरनेट सेवा भी शुरु कर दी जाएगी।

गृहमंत्री ने वुधवार को सदन में मौजूद सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘’पूरे देश में मोबाइल लगभग 1995-97 के आसपास आया और कश्मीर में मोबाइल 2003 में बीजेपी सरकार ने पहली बार शुरू किया, तब तक सुरक्षा कारणों के कारण शुरू नहीं किया गया था।’’ उन्होंने बताया, ‘’इंटरनेट भी कई सालों तक रोका गया। साल 2002 में वहां इंटरनेट की परमिशन दी गई थी।’’ इतना ही नहीं, अमित शाह ने कहा, ‘’जब देश की सुरक्षा, कश्मीर के नागरिकों की सुरक्षा का सवाल है और आतंकवाद से लड़ाई का सवाल है, तब कहीं न कहीं प्रायोरिटी तय करनी पड़ती है। जैसे ही वहां के प्रशासन को उचित लगेगा हम तुरंत इस पर पुन:विचार करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘’जम्मू-कश्मीर में दवाईयों की उपलब्धता है। हर जगह पर्याप्त मात्रा में दवाईयां मिल रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं। जम्मू-कश्मीर में 20 हजार 411 स्कूल खुले हैं और परीक्षाएं भी हो रही हैं। यहां 50 हजार 272 छात्रों ने परीक्षा दी है।’’ साथ ही गृहमंत्री ने इस बात पर भी सदन का ध्यान केन्द्रित कराया कि घाटी में पत्थरबाजी की घटना में भी कमी आई है।

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