देश के 47 वें चीफ़ जस्टिस बने जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई शपथ

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे 23 अप्रैल 2021 तक देश के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत रहेंगे। जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली उस विशेष पीठ के हिस्सा थे, जिसने अयोध्या रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर ऐतिहासिक फैसला दिया है।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: देश के 47 वें चीफ जस्टिस के तौर पर जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने सोमवार को शपथ लिया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित के समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने जस्टिस बोबडे को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस बोबडे पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की जगह ली है। पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल 18 नवंबर को समाप्त हो गया। जस्टिस शरद अरविंद बोबडे 23 अप्रैल 2021 तक देश के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत रहेंगे। आपको बता दें कि जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली उस विशेष पीठ के हिस्सा थे, जिसने सालों से विवादित अयोध्या रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर ऐतिहासिक फैसला दिया है।

जस्टिस बोबडे महाराष्ट्र के एक लोकप्रिय वकीलों के परिवार से आते हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे शरद बोबडे को अप्रैल 2013 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके पिता अरविंद श्रीनिवास बोबडे महाराष्ट्र के पूर्व महाधिवक्ता थे। इसके अलावा उनके भाई भी एक वरिष्ठ और प्रख्यात वकील थे। वहीं बात करें जस्टिस गोगोई की तो जस्टिस गोगोई का सुप्रीम कोर्ट में कार्यकाल कापी विख्यात रहा है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय दिया है। अयोध्या मामले के अलावा गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सबरीमाला मुद्दे से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को एक बड़ी पीठ को सौंपने का फैसला किया।