सिर्फ ऑनलाइन चेक-इन करने वाले यात्रियों को मिलेगी उड़ान की मंजूरी, साथ ले जा सकेंगे केवल एक बैग

फ्लाइट के क्रू-मेंबर भी पूरी तरह से सुरक्षित होंगे यानी उन्हें पीपीई किट के साथ एयरपोर्ट और फ्लाइट में तैनात होना होगा।

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प्रतिकात्मक चित्र

नई दिल्ली: कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से करीब 2 महीने से घरेलू उड़ाने बंद हैं जो 25 मई से शुरु होने जा रहा है। इस बात की जानकारी खुद केन्द्रीय उड्डय्यन मंत्री हरदीप पुरी ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने जानकारी दी है कि कुछ जरुरी शर्तों के साथ उड़ान को शुरु किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी इसके लेकर गाइडलाइन जारी किया है। नई गाइडलाइन के मुताबिक घरेलू उड़ान के लिए सफर के लिए यात्रियों को कई जरुरी बातों का ध्यान रखना होगा। फ्लाइट्स के सिर्फ ऑनलाइन चेक-इन करने वाले यात्रियों को उड़ान की मंजूरी मिलेगी और साथ ही वो एक ही बैग अपने साथ लेकर सफर कर सकते हैं। इसके अलावा फ्लाइट के क्रू-मेंबर भी पूरी तरह से सुरक्षित होंगे यानी उन्हें पीपीई किट के साथ एयरपोर्ट और फ्लाइट में तैनात होना होगा।

एयरपोर्ट पर होंगे ये नियम-

  • एयरपोर्ट पर कोई फिजिकल चेकिंग नहीं होगी
  • एयरपोर्ट में सिर्फ ऑनलाइन चेक-इन करने वाले यात्रियों को उड़ान की मंजूरी मिलेगी
  • एयरलाइंस को महामारी के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित किराए की निचली और ऊपरी सीमा का पालन करना होगा
  • यात्री के पास आरोग्य सेतु ऐप होना जरूरी
  • यात्रियों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा
  • बोर्ड में खाने की कोई सुविधा नहीं होगी
  • सिर्फ एक बैग ही ले जाने के लिए इजाजत मिलेगी
  • बोर्डिंग के दौरान मैग्जीन या न्यूजपेपर ले जाने की मनाही
  • यात्री को फ्लाइट के उड़ान समय से दो घंटे पहले पहुंचना होगा
  • कंटेनमेंट जोन के अंतर्गत आने वाले यात्री को उड़ान के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी
  • जो भी यात्री उड़ान भरने वाले नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर दंडात्मक कार्रवाई होगी

एयरपोर्ट अथॉरिटी (AAI) द्वारा जारी SOPs-

  • यात्रियों को फ्लाइट के प्रस्थान समय से दो घंटे पहले पहुंचना होगा. 
  • यदि उनकी उड़ानें चार घंटे के भीतर हैं तो यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग में जाने की अनुमति दी जाएगी.
  • सभी यात्रियों को मास्क और ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा.
  • यात्रिओं को थर्मल स्क्रिनिंग से गुजरना होगा.
  • यात्रियों के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप होना जरूरी है.
  • आरोग्य सेतु ऐप को लेकर 14 साल से कम उम्र के बच्चों को छूट है.
  • अगर उनमें ‘ग्रीन’ ऑप्शन नहीं दिखता है तो या उनके पास सरकारी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग ऐप नहीं है तो उन्हें सफर करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी.
  • विशेष मामलों के अलावा यात्रियों के ट्रोली की मंजूरी नहीं होगी. इसके लिए भी उन्हें डिसइन्फेक्ट करना होगा.
  • राज्य सरकारों और प्रशासन को सुनिश्चित करना है कि यात्रियों और एयरलाइन चालक दल के लिए सार्वजनिक परिवहन और निजी टैक्सियां उपलब्ध हों. 
  • केवल निजी वाहनों या चुनिंदा कैब सेवाओं को यात्रियों और कर्मचारियों को हवाई अड्डे ले जाने की अनुमति होगी.