PM मोदी और शी जिनपिंग ने लिया संकल्प, आतंकवाद और कट्टरपंथ का मिलकर सामना करेंगे भारत-चीन,

दोनों नेताओं ने तमिलनाडु और चीन के पूर्वी तट के बीच प्राचीन एतिहासिक एवं व्यापारिक संबंधों पर भी बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच की ये बातचीत करीब 150 मिनट से ज्यादा चली जो कि तय समय से ज्यादा थी।

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मामल्लापुरम: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोर मंदिर परिसर में शुक्रवार को रात्रिभोज के दौरान करीब ढाई घंटे चली बातचीत में आतंकवाद और कट्टरपंत की चुनौतियों का मिलकर सामना करने का संकल्प लिया। दोनों नेताओं ने निवेश के नए क्षेत्रों को पहचानने, कारोबार बढ़ाने और आर्थिक मामले सहित कई मामलों पर चर्चा की। विदेश सचिव विजय गोखले ने देश शाम हुए संवाददाता सम्मेलन में इसबात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार घाटे और व्यापार में असंतुलन पर भी बातचीत की।

दोनों नेताओं ने चार विश्व धरोहर स्थलों की सैर करने सहित करीब साढ़े चार घंटे साथ में बिताए। इसके साथ ही मामल्लापुरम में दोनों नेताओं की दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता का पहला दिन समाप्त हो गया। विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि,‘‘ इस बात को स्वीकार किया गया कि दोनों देश बहुत जटिल और बहुत विविध हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत एवं चीन बड़े देश हैं, दोनों के लिए कट्टरपंथ चिंता का विषय है।’’ उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया ताकि कट्टरपंथ एवं आतंकवाद दोनों देशों के बहु-सांस्कृतिक, बहु-जातीय, बहु-धार्मिक समाजों को प्रभावित नहीं कर पाए। मोदी और शी ने अपनी-अपनी राष्ट्रीय दूरदृष्टि एवं शासन संबंधी प्राथमिकताओं पर विस्तृत वार्ता की। 

आपको बता दें कि दोनों नेताओं ने तमिलनाडु और चीन के पूर्वी तट के बीच प्राचीन एतिहासिक एवं व्यापारिक संबंधों पर भी बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच की ये बातचीत करीब 150 मिनट से ज्यादा चली जो कि तय समय से ज्यादा थी।