दिवाली के बाद और बेहाल हुई दिल्ली, और जहरीली हुई दिल्ली की हवा, मुंबई में हालात बेहतर

हवा में प्रदुषण के कारको का 1 से 100 तक रहना सांस लेने के लिए अच्छा माना जाता है जबकि 101 से 200 तक मोड्रेट और 201 से 300 तक के स्तर को ख़राब माना जाता है। जबकि 301 से 400 तक बहुत ही ख़राब और 401 से उपर अगर ये स्तर पहुंचता है तो ये बेहद ही ख़तरनाक माना जाता है।

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Photo: ANI

नई दिल्ली/मुंबई: दिवाली के मौके पर दिल्ली-एनसीआर के लोगों ने पटाखों का लुफ्त जमकर उठाया। लेकिन इसका असर दिवाली की सुबह देखने को मिला। प्रदुषण के रुप में पटाखों से निकले धुंए ने दिल्ली-एनसीआर की हवा को अपने ज़द में ले लिया है। जहां एक तरफ दिल्ली बेहाल हो गई है तो आर्थिक राजधानी मुंबई के लोगों को राहत मिली है। दिल्ली में लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो वहीं मुंबई के लोग थोड़ी बेहतर हवा में सांस ले रहे हैं। सोमवार की सुबह दिल्ली और नोएडा की हवा इतनी ज़हरीली हो गई है जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां की हवा में पॉल्यूटेंट का स्तर 306 और 356 रहा। हालांकि ये पहले से ही माना जा रहा था कि दिवाली के बाद की सुबह दिल्ली-एनसीआर की हवा और ज़हरीली हो जाएगी और AQI अपने खतरनाक स्तर पर भी पहुंच जाएगा।

ऐसा नहीं है कि दिल्ली की हवा सिर्फ पटाखों के कारण ही प्रदुषित हुई है। दिल्ली के आसपास के इलाकों में पराली जलाना, गाड़ियों से निकलने वाला धुआं और विनिर्माण कार्यों से हवा में फैलने वाले धूल के कण भी दिल्ली की आवो-हवा सांस लेने लायक नहीं रही है। वहीं मुंबई की बात करें तो यहां AQI स्तर में काफी कमी देखी गई। मुंबई के हाजी अली इलाके में पीएम 2.5 सिर्फ 32 औऱ पीएम 10 भी मात्र 43 के स्तर पर रहा, जो सांस लेने के लिए अच्छा स्तर माना जाता है। आपको बता दें कि हवा में प्रदुषण के कारको का 1 से 100 तक रहना सांस लेने के लिए अच्छा माना जाता है जबकि 101 से 200 तक मोड्रेट और 201 से 300 तक के स्तर को ख़राब माना जाता है। जबकि 301 से 400 तक बहुत ही ख़राब और 401 से उपर अगर ये स्तर पहुंचता है तो ये बेहद ही ख़तरनाक माना जाता है।

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