CAA Protest: गुजरात में 8000 लोगों पर FIR, कांग्रेस पार्षद समेत 49 गिरफ्तार, असम में 9 दिन बाद इंटरनेट सेवा बहाल

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। कई जगहों पर ये प्रदर्शन हिंसक भी हो गया है। कई जगहों पर मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है।

0
111

नई दिल्ली/अहमदाबाद/लखनऊ/पटना: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। कई जगहों पर ये प्रदर्शन हिंसक भी हो गया है। कई जगहों पर मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। गुजरात पुलिस ने नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन में शामिल रहे 8 हजार लोगों पर हत्या की साजिश और अन्य धाराओं तहत केस दर्ज किया है। शुक्रवार को इस मामले में अहमदाबाद से कांग्रेस पार्षद समेत 49 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। वहीं  उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के मामले में 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क और फिरोज खान भी शामिल हैं। वहीं, असम में प्रदर्शन और हिंसा के बाद बंद हुई इंटरनेट सेवा 9 दिन बाद बहाल हुई।

बात करें दिल्ली की तो दिल्ली में प्रदर्शन की वजह से कई एयरलाइंस के क्रू मेंबर्स को एयरपोर्ट तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से इसका असल विमानों की आवाजाही पर हुई है। इससे पहले गुरुवार को हरियाणा बॉर्डर पर बैरिकेडिंग के कारण दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर 10 किमी लंबा जाम लगा था। इसमें कई एयरलाइंस के क्रू मेंबर्स फंस गए, इससे 16 उड़ानों में देरी हुई। इंडिगो को 19 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। वहीं दिल्ली में जुमे की नमाज के बाद नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ जामिया नगर समेत कई जगहों पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने जामा मस्जिद से जंतर मंतर तक मार्च निकालेंगे, हालांकि पुलिस ने इसके लिये उन्हें इजाजत नहीं दी है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के 14 में से 12 जिलों में धारा 144 लागू है। हिंसा से निपटने के लिए सीआरपीएफ और आरएएफ की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं। कई इलाकों में ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।

वहीं बात करें दिल्ली मेट्रो की तो डीएमआरसी के मुताबिक, राजधानी में शुक्रवार को सभी मेट्रो स्टेशन खुले हैं। गुरुवार को 20 स्टेशनों को करीब 7 घंटे तक बंद रखना पड़ा था। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर 10 इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी 4 घंटे बंद रही थीं। पुलिस ने स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव, वकील प्रशांत भूषण, शिक्षाविद हर्ष मंदर, छात्र नेता उमर खालिद और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित समेत 1200 लोगों को हिरासत में लिया था। उन्हें बवाना, नांगलोई और केशवपुरम में बनाई गई अस्थायी जेलों में भेजा गया।

बात करें गुजरात की तो अहमदाबाद के शाह आलम इलाके में विरोध कर रही भीड़ ने गुरुवार को पुलिस के जवानों पर पथराव किया था। हमले में एक डीसीपी, एक एसीपी समेत 21 पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में 5 हजार लोगों पर ईसनपुर थाने में केस दर्ज किया गया है, जिसमें हत्या की साजिश, पुलिस के काम में रुकावट डालना जैसी धाराएं लगाई गई हैं। शुक्रवार को कांग्रेस पार्षद शहजाद खान समेत 49 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई। वहीं, बनासकांठा के मुख्य हाईवे पर पुलिस की गाड़ी पर हमला करने के मामले में 3022 प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज हुआ है। इनमें से 22 की पहचान कर ली गई है।

उत्तरप्रदेश में धारा 144 लागू होने के बावजूद गुरुवार को लखनऊ और संभल में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। पुलिस ने लखनऊ में 7 केस दर्ज किए और 200 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। फायरिंग में मारे गए युवक के पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी हुई। संभल जिले में हिंसा और आगजनी के मामले में सपा सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क समेत 17 पर केस दर्ज हुआ है। प्रदेश में अब तक कुल 3305 लोग हिरासत में लिए गए। 20 जिलों में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

बात करें बिहार की तो यहां राजद ने नागरिकता कानून के खिलाफ शनिवार को प्रदेश में बंद बुलाया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस कानून को असंवैधानिक और मानवता विरोधी करार दिया है। उन्होंने इसे भाजपा का विभाजनकारी चरित्र करार दिया है। गुरुवार को बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में माकपा कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक और हाईवे जाम किए थे।

वहीं असम में कोर्ट के आदेश के बाद सभी जिलों में शुक्रवार को इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। यहां प्रदर्शन और हिंसा के चलते 11 दिसंबर से इंटरनेट पर रोक लगा दी गई थी। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने असम की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि भाषा और संस्कृति के आधार पर किसी के अधिकारों का हनन नहीं होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here