दिल्ली के जामा मस्जिद पर CAA के खिलाफ फिर प्रदर्शन, पुलिस ड्रोन से रख रही नजर, कांग्रेस नेता अलका लांबा भी हुई शामिल

नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी जिले के कुछ क्षेत्रों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया था। साथ ही साथ कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल को भी तैनात किया गया था।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। एकबार फिर शुक्रवार को दिल्ली के जामा मस्जिद पर आसपास के इलाके लोग जमा होकर इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। सिर्फ जामा मस्जिद ही नहीं बल्कि दिल्ली के कई इलाकों में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। जिन इलाकों में य़े प्रदर्शन हुए वहां सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा बलों की 54 अतिरिक्त कंपनियों को तौनात कर दिया गया। इतना ही नहीं एहतियातन दिल्ली पुलिस ड्रोन कैमरों की मदद से प्रदर्शन पर नज़र रख रही थी। जामा मस्जिद पर कई संगठनों ने इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस दौरान कांग्रेस नेता अलका लांबा को भी देखा गया।

नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी जिले के कुछ क्षेत्रों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया था। साथ ही साथ कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। खासतौर से जामिया नगर, जामा मस्जिद और चाणक्यपुरी में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया। जामा मस्जिद पर हो रहे प्रदर्शन में कांग्रेस नेता अलका लांबा और दिल्ली के पूर्व विधायक शोएब इकबाल ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान अलका लांबा ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बेरोजगारी देश के सामने असल मुद्दा है। लेकिन आप (प्रधानमंत्री) एनआरसी के लिए लोगों को उसी तरह कतार में लगाना चाहते हैं जैसा नोटबंदी के दौरान किया था।”

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वहीं बात करें सुरक्षा व्यवस्था कि तो इसके मद्देनजर पुलिस के मुताबिक उत्तरपूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद, वेलकम और मुस्तफाबाद इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया। इसके अलावा, उत्तरपूर्वी दिल्ली में कानून व्यवस्था को कायम करने के लिए नजदीकी जिलों से बुलाए गए पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों की 15 कपंनियों को तैनात किया गया है। हालात पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस ड्रोन की मदद भी ले रही है। शांति बनाए रखने में पुलिस की मदद करने की अपील भी लोगों से की जा रही है। जिले में हिंसक प्रदर्शन के बाद से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगी हुई है।

दिल्ली पुलिस ने कई जगहों पर बैनर भी लगा दिया है, जिनमें लोगों से कहा है कि निषेधाज्ञा लगी होने के कारण वह उत्तर प्रदेश भवन के बाहर प्रदर्शन न करें। खबरों के मुताबिक जामिया समन्वय समिति ने शुक्रवार दोपहर यूपी भवन के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इसलिए यहां पुलिस बल तैनात किया गया है और अवरोधक लगा दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे 213 लोगों को हिरासत में लिया गया था। एक अन्य समूह ने जोर बाग के निकट दरगाह शाह मर्दान के निकट से प्रधानमंत्री के आवास तक प्रदर्शन मार्च निकालने का आह्वान किया था। उनकी मांग थी कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को बिना शर्त रिहा किया जाए और सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर को वापस लिया जाए।