CAA के विरोध में बंद के बाद भी कई जगह हुए हिंसक प्रदर्शन, यूपी में अब तक 18 लोगों की मौत

यूपी सरकार ने हिंसा में हुए नुकसान के आंकलन के 4 सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। वहीं सरकार उपद्रवियों पर रासूका लगाने की तैयारी में है।

0
73

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर लोगों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। शनिवार को उत्तर प्रदेश में कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की। कानपुर और रामपुर में भीड़ की पुलिस के साथ झड़प के साथ साथ आगजनी भी की। जिसमें एक शख्स की मौत भी हो गई। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के बंद के दौरान कई जगहों पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई और रेलवे और सड़क यातायात भी बाधित हुआ। वहीं उत्तरप्रदेश में इस प्रदर्शन से फैली हिंसा में अबतक कम से कम 18 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं दूसरी तरफ यूपी सरकार ने हिंसा में हुए नुकसान के आंकलन के 4 सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। वहीं सरकार उपद्रवियों पर रासूका लगाने की तैयारी में है।

उत्तर प्रदेश में गुरुवार से शुरु हुए हिंसक प्रदर्शन में अबतक कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है जबकि 260 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। घायल हुए 57 पुलिसकर्मियों को गोलियां लगी है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज करने के साथ आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे। वहीं बात करें रामपुर की तो यहां शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान फैले हिंसा में एक शख्स की जान चली गई। पुलिसकर्मी सहित कई लोग भी घायल हुए। यहां हिंसा के दौरान करीब 5 दुपहिया वाहनों और एक कार को आग के हवाले कर दिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिसस के लाठीचार्ज में यहां 5 लोग घायल हो गए।

वहीं बात करें राजधानी दिल्ली की तो यहां पुरानी दिल्ली और सीमापुरी के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह जामा मस्जिद से निकलने पर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में ले लिया। उन्होंने शुक्रवार को वहां संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शुक्रवार को दरियागंज में हुई हिंसक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार 15 लोगों को दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि सीमापुरी की घटना के सिलसिले में 15 लोग एक पखवाड़े के लिए जेल भेज दिये गये। इंडिया गेट, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, राजघाट, उत्तर प्रदेश भवन के पास शनिवार को भी प्रदर्शन हुआ। पुलिस के अनुसार कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। 

वहीं बात करें असम की तो रविवार यहां कर्फ्यू में कुछ घंटों की छूट दी गई है। असम और पश्चिम बंगाल में स्थिति शांतिपूर्ण रही जबकि मेघालय में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गयी। असम में प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रैलियां निकालीं। बिहार में राजद के बंद के दौरान सभी जिलों में उसके समर्थक हाथों में लाठियां और पार्टी के झंडे लेकर बस स्टैंडों, रेलवे मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर जमा हुए। वे रेल पटरियों पर बैठ गये और उन्होंने ट्रेनों की आवाजाही में रूकावट पैदा की। भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के बाहरी इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने बंद के बाद भी सड़कों पर चल रही टैक्सियों और तिपहिया वाहनों के शीशे तोड़ दिये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here