शाहीन बाग में प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, 17 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को यह याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी थीं। तब कोर्ट ने ये कहते हुए सुनवाई टाल दी थी कि चुनाव के बाद ही मामला सुनना उचित रहेगा। वकील अमित साहनी और बीजेपी नेता नंदकिशोर गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दायर की है।

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नई दिल्ली: मोदी सरकार द्वारा लाये गए नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है। सोमवार को हुए सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विरोध का अधिकार सभी को है लेकिन इसके लिये जगह ऐसी हो जहां दूसरों को परेशानी न हो। ऐसा अनिश्चित काल के लिए भी नहीं होना चाहिए। साथ ही साथ शाहीन बाग में रोड ब्लॉक को लेकर भी कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस तरह से सार्वजनिक सड़क को ब्लॉक करना उचित नहीं है। हालांकि इसको लेकर अभी सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को यह याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी थीं। तब कोर्ट ने ये कहते हुए सुनवाई टाल दी थी कि चुनाव के बाद ही मामला सुनना उचित रहेगा। वकील अमित साहनी और बीजेपी नेता नंदकिशोर गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट में दायर इन याचिकाओं में मांग की गई है कि कोर्ट दिल्ली पुलिस को शाहीन बाग में सड़क से लोगों को हटाने का आदेश दे। नोएडा जाने वाला रास्ता खोला जाए। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से पैदा हालात की निगरानी दिल्ली हाई कोर्ट के कोई जज करें। साथ ही साथ इस याचिका में ये भी मांग की गई है कि प्रदर्शन में शामिल होने और वहां भाषण देने वालों पर भी पुलिस नजर बनाए रखे और इस बात की देखा जाए कि कहीं वह देश विरोधी गतिविधियों के लिए लोगों को उकसा तो नहीं रहे हैं। उनका किन संगठनों से संबंध है।