सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में सुनवाई की डेडलाइन घटाई, अब 17 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी जिरह

अयोध्या मामले की सुनवाई के 32वें दिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि इस मामले में जिरह पूरा करने की समय सीमा को 18 अक्टूबर से एक दिन भी ज़्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है।

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में सभी पक्षकारों को कहा है कि वो अपनी जिरह 17 अक्टूबर तक पूरी कर लें। इससे पहले अंतिम जिरह 18 अक्टूबर तक पूरी करनी थी, लेकिन कोर्ट ने अब इसकी डेडलाइन एत दिन घटा दिया गया है। दरअसल अगले हफ्ते दशहरे की छुट्टी के चलते कोर्ट बंद रहेगा। इस लिहाज से अगर देखा जाय तो मात्र चार दिन की सुनवाई ही अयोध्या केस में बची है।

आपको बात दें कि अयोध्या मामले की सुनवाई के 32वें दिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि इस मामले में जिरह पूरा करने की समय सीमा को 18 अक्टूबर से एक दिन भी ज़्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है। चीफ जस्टिस के इस आदेश के बाद पक्षकारों को तय समयसीमा के अंदर जिरह खत्म कर लेना उनकी मजबुरी हो गई है। लेकिन अब यहां समस्य़ा ये है कि अगले हफ्ते दशहरे की छुट्टी के चलते कोर्ट बंद रहेगा। लिहाजा सभी पक्षों को अपनी जिरह 17 अक्टूबर तक समाप्त करनी होगी।

17 नवंबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई रिटायर होने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट के कैलेंडर के मुताबिक, 5 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक दशहरे की छुट्टी है। 16 और 17 नवंबर को शनिवार और रविवार पड़ेगा। इन दो दिन सामान्यतया सुप्रीम कोर्ट नहीं खुलता। 17 नवंबर की समयसीमा से पहले दशहरा और दीपावली का अवकाश भी पड़ेगा। इस लिहाज से अगर देखा जाय तो संविधान पीठ के पास वक़्त कम है। हालांकि चीफ जस्टिस पहले ही साफ कर चुके हैं कि ज़रूरत पड़ी तो अवकाश के दिन भी या फिर शनिवार के दिन भी सुनवाई करेंगे।

आपको बता दें कि आमतौर पर संविधान पीठ जब किसी मामले की सुनवाई करती है तो हफ्ते में तीन दिन यानि मंगल, बुध, गुरुवार को ही सुनवाई करती है, लेकिन इस मामले में CJI ने पांचों दिन सुनवाई करने का फैसला लिया है। इतना ही नहीं, बेंच सोमवार से गुरुवार तक एक घंटे अतिरिक्त मतलब शाम 4 के बजाए 5 बजे तक बैठ रही है।