राजनीतिक परिवार के दो सरताज, एक ने अपनाया बगावती तेवर तो दूसरे ने बदल डाली परिवार की परंपरा

हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान दो युवा चेहरा काफी लोकप्रिय हुए, जिनमें से एक ने परिवार की परंपरा बदली तो दूसरे ने पारिवारिक राजनीति से खुद को अलग कर नई पार्टी बनाई। इनमें से एक किंगमेकर की भूमिका में है तो दूसरा किंग बनने की तैयारी में है।

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नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जहां एक तरफ अब सत्ता के लिए खिंचतान मची हुई है तो वहीं इस चुनाव में कुछ ऐसी चीजें भी देखने को मिली जो आगे चलकर दोनों राज्यों का भविष्य बन सकता है। इस चुनाव में दो ऐसे युवा नेता उभर कर सामने आए, जिसमें से एक ने तो परिवार की परंपरा बदलकर रख दी और दूसरे ने परिवार में ही बगावती तेवर अपना लिया। जी हां, हम बात कर रहे हैं जेजेपी के दुष्यंत चौटाला और शिवसेना के आदित्य ठाकरे। दुष्यंत चौटाला जहां हरियाणा में किंगमेकर की भूमिका में हैं तो वही आदित्य ठाकरे को किंग बनाने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

इसबार के चुनाव में एक तरफ दुष्यंत चौटाला थे तो दूसरी तरफ सबसे ज्यादा चर्चित चेहरों में से एक आदित्य ठाकरे थे। ठाकरे परिवार में अबतक किसी ने भी चुनाव नहीं लड़ा था। लेकिन इस विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे ने वर्षों से चली आ रही पंरपरा को तोड़ते हुए चुनाव मैदान में उतरे और जीत भी दर्ज किया। शिवसेना के 53 साल के इतिहास में न पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे ने कभी चुनाव लड़ा और ना ही उनके वारिस उद्धव ठाकरे ने ही चुनाव लड़ा लेकिन पारिवारिक राजनीति संभालने का मौका जब आदित्य के पास आया तो उन्होंने सारी परंपरा को तोड़ी और चुनाव मैदान में उतरे। जनता के बीच गए औऱ अपने लिए वोट भी मांगा और जब नतीजा आया तो अब उनको ताज पहनाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

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