भारत में COVID-19 आपदा घोषित, मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देगी सरकार

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने भारत में महामारी का रुप ले लिया है और इसी को देखते हुए केन्कोद्रोर सरकार ने एख बड़ा फैसला लेते हुए कोविड – 19 को आपदा घोषित कर दिया है और साथ ही साथ ये भी ऐलान किया है कि कोरोना वायरस से मरने वालों के परिजन को सरकार 4 लाख रुपये मुआवज़ा देगी। गृह मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष यानि एसडीआरएफ के तहत सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से COVID19 को एक आपदा के रूप में माना है। मुआवजा देने के श्रेणी में वो लोग भी शामिल होंगे जो इसके राहत कार्यों में शामिल या प्रतिक्रिया गतिविधियों में शामिल हैं।

दरअसल, पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय से मिले ताजा जानकारी के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर शनिवार को 83 पहुंच गई। इनमें दिल्ली और कर्नाटक में हुई एक-एक व्यक्ति की मौत के मामले भी शामिल हैं। आपको बता दें कि सऊदी अरब से हाल में लौटे कलबुर्गी के 76 वर्षीय एक व्यक्ति की बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित दिल्ली की 68 वर्षीय एक महिला की शुक्रवार की रात राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हो गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक महिला का बेटा विदेश से आया था और वो कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। महिला की मौत मधुमेह और उच्च रक्तचाप के कारण हुई।

आपको बता दें कि दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 7 मामले और उत्तर प्रदेश में 11 मामले सामने आये है। कर्नाटक में कोरोना वायरस के 6 मरीज जबकि महाराष्ट्र में 14 और लद्दाख में 3 मरीज है। इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर, आंध प्रदेश और पंजाब से एक-एक मामला सामने आया है। केरल में कोरोना वायरस के 19 मामले दर्ज किये गए हैं, जिनमें से तीन मरीजों को पिछले महीने इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी। मंत्रालय के मुताबिक 83 पुष्ट मामलों में 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें इटली के 16 पर्यटक और कनाडा का एक नागरिक शामिल है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 को एक महामारी घोषित किया है। गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अनिल मलिक ने कहा था कि केवल चार भारत-नेपाल सीमा चौकियां संचालित रहेंगी और भूटान तथा नेपाल के नागरिकों के लिए देश में वीजा मुक्त प्रवेश जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारे को बंद करने का निर्णय विचाराधीन है।