रामलीला मैदान से पीएम नरेन्द्र मोदी का ऐलान- देश के मुसलमानों का CAA से कोई लेना-देना नहीं

पीएम मोदी ने दिल्ली के 40 लाख लोगों को आशियाना मिलने के प्रस्ताव पर उन्हें बधाई दी। पीएम ने कहा, "विपक्ष के लोगों की इस रफ्तार को देखते हुए हमने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा और न मैं चलने दूंगा। इसलिए हमने इस साल मार्च में ये काम अपने हाथ में लिया।"

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नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर एक तरफ जहां पूरे देश में बवाल मचा हुआ है और इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रामलीला मैदान के मंच से दिल्ली सहित देश के तमाम लोगों को संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस कानून से ना तो हिन्दू का लेना देना है और ना ही मुसलमानों का लेनादेना है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर भोली-भाली जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये देशवासियों को डर और अराजकता के माहौल में धकेलने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “विरोध करना है तो मेरा पुतला जला लो लेकिन देश की संपत्ति को जलाने से क्या फायदा पुलिस जनता की दुश्मन नहीं है। मुझे संतोष है कि दिल्ली के 40 लाख से ज्यादा लोगों के जीवन में नया सवेरा लाने का एक उत्तम अवसर मुझे और भाजपा को मिला है। आपको अपने घर आपनी जमीन, अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी पर संपूर्ण अधिकार मिला, इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत बधाई।”

पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा,”चुनाव आते थे तो तारीखें आगे बढ़ाई जाती थी, बुलडोजर का पहियां कुछ समय के लिए रुक जाता था, लेकिन समस्या वहीं की वहीं रहती थी। आपको इस चिंता से मुक्त करने और इस समस्या के स्थायी समाधान की ईमानदारी और नीयत इन लोगों ने कभी नहीं दिखाई। पीएम मोदी ने दिल्ली के 40 लाख लोगों को आशियाना मिलने के प्रस्ताव पर उन्हें बधाई दी। पीएम ने कहा, “विपक्ष के लोगों की इस रफ्तार को देखते हुए हमने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा और न मैं चलने दूंगा। इसलिए हमने इस साल मार्च में ये काम अपने हाथ में लिया।” पीएम मोदी ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा के बीते सत्र में दिल्ली की कॉलोनियों से जुड़ा बिल पास कराया जा चुका है। इतना ही नहीं 1200 से ज्यादा कॉलोनियों के नक्शे भी पोर्टल पर डाले जा चुके हैं। आप सोचिये जिन लोगों पर आप लोगों ने अपने घरों को नियमित कराने के लिए भरोसा किया था, वो खुद क्या कर रहे थे? इन लोगों ने दिल्ली के सबसे आलीशान और सबसे महंगे इलाकों में 2 हजार से ज्यादा बंगले, अवैध तरीके से अपने करीबियों को दे रखे थे।” 

पीएम मोदी ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “आज दिल्ली में जो राज्य सरकार है, वो यहां की सबसे बड़ी समस्या से आंख मूंद कर बैठी है। ये समस्या है पीने के पानी की। इन लोगों के अनुसार पूरी दिल्ली में हर जगह बिसलरी जैसा साफ पानी मिलता है।” दिल्ली मेट्रो पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मेट्रो के फेज-4 को लेकर अगर यहां की राज्य सरकार ने बेवजह के अड़ेंगे न लगाए होते, तो इसका काम भी काफी पहले शुरू हो गया होता। इसलिए मैं कहता हूं कि आप के नाम पर राजनीति करने वाले, आपकी तकलीफों को कभी न समझे हैं और न समझने का इरादा है। दिल्ली के भीतर सड़कों पर ध्यान देने के साथ ही, दिल्ली के चारों ओर पेरिफरल एक्सप्रेस वे का निर्माण किया गया है, ये एक्सप्रेस वे भी बरसो से अटका, भटका, लटका पड़ा था, इसे पूरा करने का काम भी हमारी सरकार ने किया है। शहर में प्रदूषण कम हो, इसके लिए भी हमने निरंतर प्रयास किया है। बीते 5 वर्षों में दिल्ली में सैकड़ों नए CNG स्टेशन बनाए गए हैं। यहां जो उद्योग-धंधे चल रहे हैं, उनमें से आधों को PNG आधारित बनाया जा चुका है।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा,”आज जो लोग कागज-कागज, सर्टिफिकेट-सर्टिफिकेट के नाम पर मुस्लिमों को भ्रमित कर रहे हैं, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि हमने गरीबों की भलाई के लिए, योजनाओं के लाभार्थी चुनते समय कभी कागजों की बंदिशें नहीं लगाईं। स्कूल बसों पर हमले हुए, ट्रेनों पर हमले हुए, मोटर साइकिलों, गाड़ियों, साइकिलों, छोटी-छोटी दुकानों को जलाया गया है, भारत के ईमानदार टैक्सपेयर के पैसे से बनी सरकारी संपत्ति को खाक कर दिया गया है। इसके बाद इनके इरादे कैसे हैं, ये देश अब जान चुका है। मैं इन लोगों को कहना चाहता हूं कि मोदी को देश की जनता ने बैठाया, ये अगर आपको पसंद नहीं है, तो आप मोदी को गाली दो, विरोध करो, मोदी का पुतला जलाओ. लेकिन देश की संपत्ति मत जलाओं, गरीब की रिक्शा मत जलाओं, गरीब की झोपड़ी मत जलाओं।”

पुलिसवालों पर हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, “पुलिस वालों को अपनी ड्यूटी करते समय हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। जिन पुलिसवालों पर ये लोग पत्थर बरसा रहें हैं, उन्हें जख्मी करके आपको क्या मिलेगा? आज़ादी के बाद 33 हजार से ज्यादा पुलिसवालों ने, शांति के लिए, आपकी सुरक्षा के लिए शहादत दी है। जब कोई संकट या मुश्किल आती है तो ये पुलिस न धर्म पूछता है न जाति पूछता है, न ठण्ड देखता है न बारिश देखता है और आपकी मदद के लिए आकर खड़ा हो जाता है। ये लोग उपदेश दे रहे हैं, लेकिन शांति के लिए एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं हैं, हिंसा रोकने के लिए एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं है। इसका मतलब है कि हिंसा को, पुलिस पर हो रहे हमलों को आपकी मौन सहमति है ये देश देख रहा है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “झूठ बेचने वाले, अफवाह फैलाने वाले इन लोगों को पहचानने की ज़रूरत है। ये 2 तरह के लोग हैं एक वो लोग जिनकी राजनीति दशकों तक वोटबैंक पर ही टिकी रही है दूसरे वो लोग जिनको इस राजनीति का लाभ मिला है। वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले, आज जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए हैं, तो इन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है- बांटों, भेद करो और राजनीति का उल्लू सीधा करो। नागरिकता संशोधन कानून भारत के किसी नागरिक के लिए, चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान, के लिए है ही नहीं। ये संसद में बोला गया है कि ये कानून का इस देश के अंदर रह रहे 130 करोड़ लोगों से कोई वास्ता नहीं है।”