जो हमारी शर्तों को मानेगा हम उनके साथ, कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं – दुष्यंत चौटाला

जेजेपी की मांग है कि राज्य सरकार के नौकरी में 75 फीसदी आरक्षण हरियाणा के लोगों का हो। साथ ही पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी हो जैसे कई मुद्दे हैं जिसे जेजेपी ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में भी रखा है।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को दिल्ली आकर तिहाड़ जेल में अपने पिता से मुलाकत के बाद कहा है कि जो उनकी पार्टी की बातों को मानेगा, उनकी पार्टी उसी के साथ जाएगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों उनकी बात चल रही है। उनकी पार्टी के दरवाजे सभी के लिए खुले हुए हैं। दुष्यंत और उनके पिता के बीच मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली। हरियाणा विधानसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में जेजेपी 10 सीट जीत कर तीसरे नंबर की पार्टी बन गई है और साथ ही साथ हरियाणा में सरकार बनने की राह में किंगमेकर की भूमिका में आ गई है।

किंगमेकर की भूमिका में आने के बाद अब सभी की नज़र दुष्यंत चौटाला के उपर है। जेजेपी किसके साथ जाएगी उसका फैसला विधायक दल के बैठक में होना था। विधायक दल की बैठक हुई लेकिन इसमें इसबात पर फैसला नहीं पाया कि जेजेपी किसके साथ जाएगी। बस इस बैठक में सर्वसम्मति के साथ दुष्यंत चौटाला को विधायक दल के नेता चुना गया। लेकिन जब तय समय के अनुसार दुष्यंत जब मीडिया से मुखातिब हुए तो उन्होंने साफ कर दिया कि उन्हें ना तो कांग्रेस के साथ जाने में एतराज़ है और ना ही बीजेपी के साथ जाने में परेशानी है। दोनों पार्टियों के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। जो भी पार्टी मिनिमम कॉमन एजेंडों पर मुहर लगायेगी उनकी पार्टी के साथ जेजेपी जाएगी।

आपको बता दें कि जेजेपी की मांग है कि राज्य सरकार के नौकरी में 75 फीसदी आरक्षण हरियाणा के लोगों का हो। साथ ही पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी हो जैसे कई मुद्दे हैं जिसे जेजेपी ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में भी रखा है।

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