जेपी नड्डा को मिली बीजेपी की कमान, निर्विरोध चुने गये बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

जेपी नड्डा की बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर पहली चुनौती दिल्ली विधानसभा चुनाव होगा। आपको बता दें कि पिछले चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी को सिर्फ तीन सीट पर ही सिमट कर रहना पड़ा था।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जेपी नड्डा को निर्विरोध चुन लिया गया है। सोमवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने जेपी नड्डा के बीजेपी अध्यक्ष बनने की घोषणा की। बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर जेपी नड्डा का कार्यकाल 2022 तक रहेगा। जेपी नड्डा ने इस तरह से अब अमित शाह की जगह ली है। अमित शाह के गृहमंत्री बनने के साथ ही नए अध्यक्ष खोजने का अभियान तेज हो गया था। बतौर बीजेपी अधयक्ष अमित शाह इस पद पर लगातार करीब साढ़े 5 साल तक काबिज रहे।

अमित शाह का बतौर बीजेपी अध्यक्ष साढ़े पांच साल का कार्यकाल बीजेपी के लिए स्वर्ण युग के तौर पर याद किया जाएगा। इस दौरान पार्टी ने सफलता के कई नए शिखर छुए। अमित शाह के नेतृत्व में जहां बीजेपी ने अधिकतर विधानसभा चुनाव जीते वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल की। अमित शाह के गृहमंत्री बनने के चलते उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से खुद को मुक्त किया। लेकिन अब जब जेपी नड्डा ने बीजेपी अधयक्ष का कार्यभार संभाला है तो अब उनके लिए चुनौतियां और बढ़ सकती है। पहली चुनौती तो उनकी यही रहेगी कि अमित शाह के रिकॉर्ड को उन्हे बचा कर रखना है और साथ ही साथ पार्टी को और नए शिखर पर लेकर जाना है।

यहां वीडियो देखें…

जेपी नड्डा की बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर पहली चुनौती दिल्ली विधानसभा चुनाव होगा। आपको बता दें कि पिछले चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी को सिर्फ तीन सीट पर ही सिमट कर रहना पड़ा था। वहीं दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर जेपी नड्डा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी पहली पसंद थे और नड्डा के बीजेपी अध्यक्ष बनने का कयास पहले से ही लगाया जा रहा था। वहीं जेपी नड्डा के जिंन्दगी के बारे में बात करें तो वो छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं और आरएएस से भी उनका करीबी संबंध रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में नड्डा उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रभारी थे। राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सामने एसपी-बीएसपी महागठबंधन को मात देने की चुनौती थी। यूपी चुनाव से पहले ये माना जा रहा था कि इस गठबंधन की वजह से पार्टी 2019 में 2014 वाल प्रदर्शन नहीं दोहरा पाएगी लेकिन बीजेपी ने यहां की 80 लोकसभा सीटों में से 62 सीटों पर जीत हासिल कर एक नई उपलब्धि हासिल की।

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