प्रियंका गांधी ने कहा, चाहे बीजेपी का झंडा लगा लें लेकिन बसों को चलने दें…

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि कांग्रेस ने 1000 बसों का जो विवरण दिया है उनमें कुछ दोपहिया वाहन, एंबुलेंस और कार के नंबर भी शामिल हैं।

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Photo: ANI

नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों को बस मुहैया कराए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब आमने-सामने आ गई है। इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वुधवार को एकबार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कोई आरोप लगाए। उन्होंने बसों को लेकर हुए पत्राचार के माध्यम से हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने ये कहा कि अगर सरकार चाहे तो बीजेपी का झंडा लगा लें लेकिन हमारी बसें चलने दें। ये बस चलेगी तो इससे 92 हजार लोगों की मदद होगी। हमारी बसें अभी भी खड़ी हैं, लेकिन योगी सरकार अनुमति नहीं दे रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने अबतक 67 लाख लोगों की मदद की है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि ये कठिन समय है। सभी राजनीतिक दल लोगों की मदद में शामिल हों। यूपी में कांग्रेस पार्टी आगे आई है। हर जिले में कांग्रेस के वालेंटियर्स तैनात हैं। हाईवे टास्क फोर्स बनाए गए हैं। इन टास्क फोर्स का काम जरूरतमंद लोगों की मदद करना होगा। जरुरतमंद लोगों को खाना दिया जाएगा। आपको बता दें कि बसों को लेकर यूपी में राजनीति तेज है। दोनों तरफ से एक दूसरे को की पत्र लिखे गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि कांग्रेस ने 1000 बसों का जो विवरण दिया है उनमें कुछ दोपहिया वाहन, एंबुलेंस और कार के नंबर भी शामिल हैं।

इस पर कांग्रेस ने कहा कि उसकी ओर से मुहैया कराई गई सूची में उत्तर प्रदेश सरकार ने 879 बसों के सही होने की पुष्टि की है। तब तक इन बसों को चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रियंका ने कहा कि अगर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी है तो हम उसे मानने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही हम दूसरी लिस्ट देने के लिए भी तैयार हैं। प्रियंका ने कहा कि सरकार अपनी मंशा को खुल कर बता नहीं रही है। जब हम बस देने की बात करते हैं तो कहा जाता है कि सुबह 10 बजें एक हजार बसें लखनऊ पहुंचा दीजिए। भला ये कैसी प्लानिंग है। जब मजदूर दिल्ली-NCR से लौट रहे हैं तो क्या उन्हें बसों में नहीं ले जाया जा सकता।खाली बस को लखनऊ मंगवाने का क्या मकसद है।