सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान, कहा – कांग्रेस के लिए चुनाव जीतना तो दूर की बात, भविष्य भी अधर में लटका

सलमान खुर्शीद ने कहा, "लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद हम इसका विशलेषण भी नहीं कर पाए कि हमारी हार क्यों हुई। हमारी सबसे बड़ी समस्या ये है कि हमारे नेता दूर चले गए हैं। राहुल गांधी आज भी पार्टी की निष्ठा हैं। उनके जाने के बाद से एकतरह का खालीपन है।"

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नई दिल्ली: अपनी ही पार्टी के बारे में बड़ा बयान देकर फंसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद। उन्होंने अपनी ही पार्टी की आलोचना करते हुए बड़ा बयान देते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस की जो स्थिति है, उसमें महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव जीतने की संभावना नहीं है। पार्टी संघर्ष के दौर से गुजर रही है और अपना भविष्य तक तय नहीं कर सकती।” दरअसल सलमान खुर्शीद के मुताबिक वो नहीं चाहते थे कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद जल्दबाजी में छोड़े। पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद ने पार्टी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी के इस्तीफे से संकट बढ़ा है। उनके इस फैसले के कारण पार्टी हार के बाद जरूरी आत्मनिरीक्षण भी नहीं कर पायी। हम विश्लेषण के लिए भी एकजुट नहीं हो सके कि हम लोकसभा चुनाव में क्यों हारे। 

सलमान खुर्शीद ने कहा कि पार्टी संघर्ष के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसमें हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी के जीतने की संभावना ही नहीं है। कांग्रेस पार्टी की हालत ऐसे स्तर पर पहुंच गई है कि न केवल आगामी विधानसभा चुनावों में बल्कि यह अपना भविष्य तक नहीं तय कर सकती है। सलमान खुर्शीद के इसी बयान के बाद से राजनीतिक हलकों में गर्माहट आ गई। इतना ही नहीं, सलमान खुर्शीद यहीं नहीं रुके, उन्होंने यहां तक कह डाला कि वो पार्टी प्रमुख की अस्थाई व्यवस्था से भी खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम प्रमुख बनाया गया है। लोकसभा में पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी का जल्दबाजी में इस तरह से कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया फैसला था।”

सलमान खुर्शीद ने कहा, “लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद हम इसका विशलेषण भी नहीं कर पाए कि हमारी हार क्यों हुई। हमारी सबसे बड़ी समस्या ये है कि हमारे नेता दूर चले गए हैं। राहुल गांधी आज भी पार्टी की निष्ठा हैं। उनके जाने के बाद से एकतरह का खालीपन है।”

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से राहुल गांधी की काफी आलोचना हुई। जिसके बाद राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मंशा जताई थी। पार्टी के नेताओं के मनाने के बाद भी वो नहीं माने और पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन अब जब महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार से भी खुद को ये कह कर अलग कर लिया कि वो वायनाड तक ही सीमित रहना चाहते हैं। चुनाव अभियान से खुद को अलग करने के बाद राहुल गांधी विदेश यात्रा के लिए निकल गए।

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