महीनेभर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को खाली करना होगा अपना सरकारी आवास, सरकार का आदेश…

1992 में राजीव गांधी की हत्या होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री और गांधी परिवार के सदस्यों को एसपीजी कवर के तहत लाया गया था और इसी वजह से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एसपीजी सुरक्षा दी गई थी और इसी के तहत प्रियंका गांधी को भी बिना सांसद रहे भी सरकारी आवास का आवंटन किया गया था।

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नई दिल्ली: एक महीने के अंदर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को उनके लोधी स्टेट स्थित सरकारी आवास को खाली करना होगा। केन्द्र की शहरी विकास मंत्रालय ने उनके सरकारी आवास के आवंटन को रद्द कर दिया है। सरकारी नियमों के तहत ही इस आवंटन को रद्द किया है और इसकी वजह है पिछले साल उनकी एसपीजी सुरक्षा केन्द्र सरकार ने वापस ले लिया था। चुकि उनके पास एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी इसलिए सुरक्षा कारणों की वजह से ही उन्हें सरकारी आवास का आवंटन किया गया था। केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय द्वारा जारी में कहा गया है कि सुरक्षा कवर को रद्द करने के परिणामस्वरूप, प्रियंका गांधी सरकारी आवास की हकदार नहीं हैं। प्रियंका गांधी से 1 अगस्त से पहले आवास को खाली करने के लिए कहा गया है।

जारी आदेश के मुताबिक ‘एसपीजी सुरक्षा वापस लेने और Z+ सुरक्षा प्रदान किए जाने के आधार पर, आपके लिए किसी भी सरकारी आवास के आवंटन का प्रावधान नहीं है। ऐसे में टाइप 6 बी हाउस नंबर 35, लोधी एस्टेट का आवंटन रद्द किया जाता है।’ इसके अलावा मंत्रालय के आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर वह अगले महीने में आवास खाली नहीं करती हैं तो फिर उन्हें नियमों के मुताबिक किराया अथवा क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा। आपको बता दें कि गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बाद से ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका गांधी को जेड+ श्रेणी की सुरक्षा देशभर में दी जाती है। एसपीजी सुरक्षा दी जाने की वजह से प्रियंका गांधी को 21 फरवरी, 1997 को लोधी एस्टेट आवास दिया गया था।

दरअसल 1984 में तात्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्या के बाद साल 1985 में एसपीजी का गठन किया गया था। इसका गठन प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की रक्षा के लिए की गई थी। इसके बाद साल 1992 में राजीव गांधी की हत्या होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री और गांधी परिवार के सदस्यों को एसपीजी कवर के तहत लाया गया था और इसी वजह से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एसपीजी सुरक्षा दी गई थी और इसी के तहत प्रियंका गांधी को भी बिना सांसद रहे भी सरकारी आवास का आवंटन किया गया था।