अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए जुटाया जाएगा चंदा, 15 जनवरी 2021 से शुरु होगा अभियान

मंदिर निर्माण के लिए सरकार से पैसा नहीं लिया जाएगा। सरकार अपनी तरफ से सहयोग करना चाहती है तो इस कदम का स्वागत किया जाएगा। विदेशी चंदा नहीं लिया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए 3 साल का लक्ष्य रखा गया है।

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अयोध्या: अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर के लिए अब जनसहयोग का भी सहारा लिया जाएगा। इसके लिए अब देशभर से चंदा जुटाया जाएगा। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद अभियान मकर संक्रांति वाले दिन से अभियान शुरु करने जा रही है। मकर संक्रांति से शुरु होकर ये अभियान माघ-पूर्णिमा तक जारी रहेगा। इस बात की घोषणा खुद विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने दी है।
चंपत राय ने कहा, “अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के लिए देश भर के प्रत्येक राम भक्त का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे।“ उनके मुताबिक इस अभियान में विहिप कार्यकर्ता देश के 4 लाख गांवों के 11 करोड़ परिवार से संपर्क कर और उन्हें श्री राम जन्मभूमि से सीधे जोड़कर रामत्व का प्रसार करेंगे। उन्होंने कहा कि देश की हर जाति, मत, पंथ, संप्रदाय के लोगों के सहयोग के साथ राम मंदिर वास्तव में एक राष्ट्र मंदिर का रूप लेगा। 

देश के अधिकतर शहरों और गांवों में चलने वाले इस अभियान में रामभक्तों द्वारा मंदिर निर्माण हेतु स्वैच्छिक रूप से दिया गया आर्थिक सहयोग स्वीकार किया जाएगा। इसके लिए 10, 100 और 1000 रुपये के कूपन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से करोड़ों घरों में भगवान के दिव्य मंदिर की तस्वीर भी पहुंचाई जाएगी।

मंदिर निर्माण को लेकर जानकारी देते हुए चंपत राय ने कहा कि मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और गुवाहाटी के आईआईटी, सीबीआरआई, एलएंडटी, टाटा के विशेषज्ञ इंजीनियर मंदिर की मजबूत नींव की ड्राइंग पर परामर्श कर रहे हैं। बहुत जल्द नींव का प्रारुप सामने आ जाएगा। आपको बता दें कि अयोध्या में बनने वाला ये भव्य मंदिर पूरा का पूरा पत्थर का होगा। इसके प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट, लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट है। 

चंदा जुटाने के लिए विहिप का लक्ष्य 4 लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का है। इसके लिए विहिप ने सवा पांच लाख घरों तक पहुंचने का टारगेट रखा है। इसके लिए कूपन तो छपेंगे ही और साथ ही साथ मंदिर निर्माण से संबंधित सभी भाषाओं में लिटरेचर भी छापा जाएगा। घर-घर मंदिर का चित्र पहुंचाने की योजना है। देशभर में 3 से 4 लाख वीएचपी कार्यकर्ता अभियान से जुड़ेंगे। खास बात तो ये है कि इसके लिए देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से भी चंदा लिया जाएगा। चंदा के लिए जो निर्देश दिया गया है उसमें ये कहा गया है कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार से पैसा नहीं लिया जाएगा। हां अगर सरकार अपनी तरफ से सहयोग करना चाहती है तो इस कदम का स्वागत किया जाएगा। साथ ही ये भी कहा गया है कि विदेशी चंदा नहीं लिया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए 3 साल का लक्ष्य रखा गया है।

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