RBI ने रेपो रेट में नहीं किया किसी तरह का बदलाव, GDP ग्रोथ रेट में 9.5 फीसदी की गिरावट…

आरबीआई गवर्नर ने इस बात का भरोसा जताया है कि देश की जीडीपी चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक गिरावट के दायरे से बाहर आकर फिर से वृद्धि के रास्ते पर आ सकती है।

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Phot: ANI

मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को नए रेपो रेट का ऐलान कर दिया गै। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी दी है कि इसबार के रेपो रोट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। रेपो रेट को 4 फीसदी पर ही रखा जाएगा। उनके मुताबिक मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के सदस्यों ने एकमत से रेपो रेट की दरों को ना बदलने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था के लिए उदार रुख बगकरा रखने के लिए ये फैसला किया गया है। हालांकि उन्होंने इसबात से भी इंकार नहीं किया है कि जीडीपी की ग्रोथ रेट 9.5 फीसदी तक गिरेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ये सुखद ख़बर नहीं है कि वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की ग्रोथ रेट में 9.5 फीसदी तक की गिरावट आएगी।

चौथी तिमाही तक जीडीपी में सुधार की उम्मीद

आरबीआई गवर्नर ने इस बात का भरोसा जताया है कि देश की जीडीपी चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक गिरावट के दायरे से बाहर आकर फिर से वृद्धि के रास्ते पर आ सकती है। वित्त वर्ष ती पहली छमाही के धीमे सुधार को दूसरी छमाही में गति मिल सकती है। साथ ही साथ तीसरी तिमाही से आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ने लगेंगी।

कोरोना के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था निर्णायक चरण में

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने ये भी कहा है कि कोरोनावायरस और लॉकडाउन का असर अब धीरे धीरे कम होता जा रहा है और इस महामारी के खिलाफ लड़ाई अब लगभग अंतिम चरण में है। उन्होंने इसबात की जानकारी दी है कि अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही में जो गिरावट आई है वो अब पीछे छूट चुकी है और अब जो मौजुदा हालात में इसमें सुधार भी देखा जा सकता है। उन्होंने इसबात की भी भरोसा दिलाया है कि चालू वित्तवर्ष की चौथी तिमाही तक मुद्रास्फीति को जो लक्ष्य तय किया गया है उसे पूरा कर लिया जाएगा।