SPECIAL: घर में बिना बताए गए बैंकॉक और पटाया लेकिन अब खुल रही है पोल

स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 42 से ज्यादा लोगों को चिन्हित किया है जिन्होंने काम के सिलसिले में ही भारत के अन्य शहरों का बहाना बना कर बेंकॉक, पटाया और थाईलैंड घूम आए।

0
127

अगर आप बिना अपने परिवार के जानकारी के विदेश घुम कर आएं तो ये ख़बर आपके लिये है। कोरोना वायरस के चक्कर में अब उनलोगों की पोल खुल रही है जो लोग छुप-छुपकर विदेश घूम कर आए हैं। दरअसल कोरोना वाइरस के चक्कर में स्वास्थ्य विभाग विदेश यात्रा कर भारत आने वाले लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री तैयारी कर रही है। इस आधार पर उनके घर जाकर चेकअप और होम क्वारंटाइन के लिए तलाशा जा रहा है। इस सिलसिले में स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 42 से ज्यादा लोगों को चिन्हित किया है जिन्होंने काम के सिलसिले में ही भारत के अन्य शहरों का बहाना बना कर बेंकॉक, पटाया और थाईलैंड घूम आए। अब जब इन सब का खुलासा हो रहा है तो घर में क्लेश पैदा हो गई है।

आपको बता दें कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग विदेश से लौटने वालों की खास निगरानी कर रहा है। अभी तक 827 लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री तैयार की गई है। ये लोग 14 फरवरी के बाद विदेश घूमने गए थे। इनमें भी आधे होली की छुट्टियों के दौरान बाहर सैर-सपाटा करने गए थे। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें बिजनेस टूर कहकर घर से निकले थे लेकिन परिवार से दूर छुट्टी मनाने के लिए वो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक, पटाया और मकाऊ के लिये निकल गए। लेकिन अब ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है तो ऐसे लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री निकली है।

इसी क्रम में इस बात का पता चला है कि बिरहाना रोड और जनरलगंज के तीन व्यापारी तो होली के दौरान मथुरा-वृंदावन जाने की बात कहकर घर से निकले थे लेकिन वो मथुरा-वृन्दावन तो नहीं गए लेकिन वो फुकेट पहुंच गए। धार्मिक यात्रा का खुलासा रोमांटिक टूर में होते ही उनके घर में कलह मच गई। घरवालों की नाराजगी कोरोना से ज्यादा उनकी मौज-मस्ती को लेकर है। यही हाल कोच्चि के सिविल लाइंस के दंपत्ति का है। 55 साल की उम्र पार कर चुके इन साहब ने 14 फरवरी की शाम बैंकॉक में गुजारी। पेशे से कारोबारी ये साहब कोच्चि में बिजनेस टूर बताकर घर से निकले थे। लेकिन अब ट्रैवल हिस्ट्री में थाईलैंड आते ही उनकी शामत आ गई है।

यही हाल किराना बाजार से जुड़े दो व्यापारियों का है। उनके घर में तलाक की नौबत आ गई है क्योंकि दोनों ने तीन साल में थाईलैंड के अलावा कजाखिस्तान के भी दो राउंड लिए। कजाखिस्तान भी रोमांटिक सैर सपाटे के लिए चर्चित है। इस रहस्य से पर्दा भी प्रशासन द्वारा ट्रैवल हिस्ट्री के लिए की गई पूछताछ के बाद उठा। उनका पासपोर्ट घरवालों ने चेक किया तो तमाम छिपी हुई विदेश यात्राएं सामने आ गईं। उनके कारण घरवालों के निशाने पर ट्रैवल ऑपरेटर भी आ गए हैं। लेकिन अब यहां परिवार वाले ट्रैवल ऑपरेटर को दोषी मान रहे हैं लेकिन यहां सोचने वाली बात ये है कि ऐसे में ट्रैवल ऑपरेटरों का क्या दोष है। क्योंकि सारे ट्रेवल एजेंट्स अपने ग्राहकों के सारे वैध दस्तावेज होने पर ही टिकट व पैकेज बुक करते हैं। घर से बताकर जा रहे हैं या छिपाकर, इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।