चांदबाग में मिला IB कर्मी का शव, ड्यूटी से लौटा था घर, पथराव में हत्या कर नाले में फेंक दिया शव

उत्तरपूर्वी दिल्ली में मंगलवार को एकबार फिर से हिंसा भड़की जिसमें मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी इलाके में तनाव के दूसरे दिन हिंसा चांदबाग और भजनपुरा सहित कई क्षेत्रों में फैल गई।

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नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर फैले हिंसा में एक आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के कर्मी की भी मौत हो गई है। आईबी कर्मी का नाम अंकित शर्मा बताया जा रहा है। वुधवार को अंकित शर्मा का शव चांदबाग में पाया गया है और बताया जा रहा है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फैली हिंसा में पथराव के बाद अंकित की हत्या कर दी गई थी और उनके शव नाले में फेंक दिया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक अंकित शर्मा चांदबाग में ही रहता था और वो अपनी ड्यूटी से घर वापस लौट रहा था। जब दंगा फैला तो परिजन घर से बाहर निकल कर उसके बारे में जानकारी जुटाने लगे और फिर अंकित का शव नाले से बरामद हुआ। परिवार ने एक स्थानीय पार्षद पर हत्या का आरोप लगाया है, जो कि ऑफिसर के घर के पास ही रहता है। अंकित शर्मा की उम्र 25 साल बताई जा रही है और वो आईबी में सिक्योरिटी असिस्टेंट की पोस्ट पर कार्यरत थे। 

आरोप ये लगाया जा रहा है कि मंगलवार शाम को जब वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। तभी चांद बाग पुलिया पर कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नाले में फेंक दिया। परिजन मंगलवार से ही उनकी तलाश में थे। अंकित के पिता रविंदर शर्मा भी आईबी में हेड कांस्टेबल हैं। उन्होंने एक आप नेता के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अंकित के पिता का कहना है कि उसकी पिटाई के साथ साथ उसे गोली भी मारी गई है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस बात का पता चलेगा कि अंकित शर्मा के मौत की असली वजह क्या थी? 

वहीं आपको ये भी बता दें कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में फैली हिंसा को रोकने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को दी गई है। साथ ही साथ हालात पर काबू पाने के लिए दिल्ली पुलिस को पूरी छूट दे दी गई है। अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिल्ली हिंसा में फैले हालात पर जानकारी देंगे। एनएसए अजीत डोभाल ने मंगलवार रात को जाफराबाद, सीलमपुर तथा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अन्य इलाकों का दौरा किया था, जहां उन्होंने विभिन्न संप्रदायों के नेताओं से बातचीत भी की थी। उन्होंने साफ साफ कह दिया है कि दिल्ली में कानून एवं व्यवस्था को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तथा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को पूरी छूट दे दी गई है।

आपको बता दें कि उत्तरपूर्वी दिल्ली में मंगलवार को एकबार फिर से हिंसा भड़की जिसमें मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी इलाके में तनाव के दूसरे दिन हिंसा चांदबाग और भजनपुरा सहित कई क्षेत्रों में फैल गई। इस दौरान पथराव किया गया, दुकानों को आग लगायी गयी. दंगाइयों ने गोकलपुरी में दो दमकल वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ भड़काऊ नारे लगा रही थी और मौजपुर और अन्य स्थानों पर अपने रास्ते में आने वाले फल की गाड़ियों, रिक्शा और अन्य चीजों को आग लगा दी।

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