उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच की दरें तय की

उत्तरप्रदेश में अबतक 1604 मामले सामने आए हैं जबकि उत्तरप्रदेश में 24 मौतें हो चुकी है। जबकि अभी 1374 सक्रीय मामला है और 203 लोग इस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।

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नई दिल्ली: देशभर के साथ साथ उत्तरप्रदेश में भी लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि उत्तरप्रदेश सरकार ने अबतक कड़ाई के साथ लोगों को लॉकडाउन का पालन करवाया है। इस बात की चर्चा शुक्रवार को खुद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी किया है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण के टेस्ट को लेकर शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया है। निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच को लेकर उत्‍तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। इस दिशा-निर्देश में ये कहा गया है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से अनुमति प्राप्त निजी लैब पहली जांच के लिए अधिकतम 1,500 रुपये ले सकती हैं।

आईसीएमआर ने पहली जांच के लिए अधिकतम 1,500 रूपये और दूसरी जांच के लिए अधिकतम 3,000 रूपये की दर तय की है। लेकिन यह जांच केवल वे निजी प्रयोगशालाएं ही कर सकेंगी जिनका आईसीएमआर ने कोविड-19 के परीक्षण के लिए अनुमोदन किया है। उप्र के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कोई व्यक्ति कोविड-19 के संक्रमण का पता लगाने के लिए पहली जांच करवाता है तो उसे 1,500 रूपये देने होंगे और यदि वह व्यक्ति परीक्षण में संक्रमित पाया जाता है तो उसे द्वितीय चरण की जांच के लिए अधिकतम 3,000 रूपये देने होंगे। इस निर्देश के मुताबिक, अगर पहली जांच में संक्रमण का पता चलता है और पुष्टि के लिए दूसरी जांच की जरूरत पड़ती है तो उसे दोनों जांच के लिए अधिकतम 4,500 रुपये खर्च करने होंगे। 

आपको बता दें कि पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामले 23000 के पार हो चुकी है। देशभर में अबतक 23452 मामले सामने आए हैं जबकि देशभर में अबतक कम से कम 723 मौतें हो चुकी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक उत्तरप्रदेश में अबतक 1604 मामले सामने आए हैं जबकि उत्तरप्रदेश में 24 मौतें हो चुकी है। जबकि अभी 1374 सक्रीय मामला है और 203 लोग इस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।