पंकज बताते हैं कि 16 अक्टूबर 2004 को उन्होंने मुंबई का रुख किया अभिनेता बनने के एक सपने के साथ, दो महीने दोस्त के साथ रुके, फिर घर किराये पर लिया और परिवार को बुलाया। अपने संघर्ष के दिनों में उन्होंने कई प्रोडक्शन हाउस के चक्कर काटे लेकिन कहीं काम नहीं बना। अपने इस वीडियो में पंकज त्रिपाठी में संघर्ष के दौरान के कई किस्से शेयर किये हैं औऱ साथ ही ये भी बताया कि किसके पैरवी पर वो निर्माता-निर्देशकों से मिलने जाया करते थे। आज पंकज के पास फिल्मों की कमी नहीं है। ये वीडियो पुराना है जिसमें पंकज त्रिपाठी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है और कई दिलचस्प किस्से शेयर किये हैं। पूरी वीडियो देखियेगा जरुर…