केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर दी जानकारी…

रामविलास पासवान ने पांच दशक से भी ज्यादा वक्त तक राजनीति में सक्रिय रहे और अपने इस लंबे राजनीतिक करियर में वो 8 बार लोकसभा के सदस्य रहे। पिछले दो दशक में उनकी पार्टी लगभग हर सरकार के साथ रही और उन्होंने मंत्रीपद भी संभाला।

0
366
File Photo

नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान का गुरुवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वो 74 साल के थे और लंबे समय से बिमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी खुद उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर दी है। बीते कुछ समय से वो बिमार चल रहे थे और दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती थे। हाल ही में उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी और बेटे चिराग समय समय पर उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते रहते थे। पिता के निधन के बाद इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने इमोशनल लाइन्स लिखी। बेटे चिराग पासवान ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं. Miss you Papa.’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख व्यक्त करते हुए कहा,” केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन से देश ने एक दूरदर्शी नेता को खो दिया है। वह संसद के सबसे सक्रिय और सबसे लंबे समय तक सेवारत सदस्यों में से थे। वह दीन-दुखियों की आवाज थे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि मेरा नीजि नुकसान हुआ है।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘रामविलासजी के निधन से बिहार राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी रिक्तता पैदा हो गयी है। उनके साथ मेरी बहुत लम्बी और अच्छी मित्रता थी। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। इस दुःख की घड़ी में ईश्वर उनके परिवार एवं समर्थकों को संबल प्रदान करें। ॐ शान्ति!’

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि रामविलास पासवान जी के असमय निधन का समाचार दुखद है। ग़रीब-दलित वर्ग ने आज अपनी एक बुलंद राजनैतिक आवाज़ खो दी। उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएँ।

रामविलास पासवान ने पांच दशक से भी ज्यादा वक्त तक राजनीति में सक्रिय रहे और अपने इस लंबे राजनीतिक करियर में वो 8 बार लोकसभा के सदस्य रहे। पिछले दो दशक में उनकी पार्टी लगभग हर सरकार के साथ रही और उन्होंने मंत्री पद भी संभाला।